बजट 2018: तेज रफ्तार के साथ सुरक्षित सफर की आस

| January 20, 2018

भारतीय रेलवे का ध्येय वाक्य है-सुरक्षा, संरक्षा और समय। इन तीनों ही मोर्चो पर रेलवे लगातार जूझ रही है। तेज रफ्तार के साथ सुरक्षित सफर अब भी उम्मीदों की पटरियों पर जारी है। ऐसे में आगामी बजट में भी यात्री सुविधाओं के साथ पुरानी पटरियों से निजात पाना, विद्युतीकरण और सिग्नल सिस्टम की बेहतरी रेलवे के लिए बड़ी चुनौती होगा।आमबजट में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने एक लाख 31 हजार करोड़ का प्रावधान दिया था लेकिन रेलवे के आधारभूत ढांचे को सुधारने के लिए यह नाकाफी है।








रेलमंत्री पीयूष गोयल इन चुनौतियों से वाकिफ है और ऐसे में उनका लक्ष्य अगले पांच साल में रेलवे में 20 लाख करोड़ रुपये निवेश करना है, ताकि रेल यात्रियों के सफर को सुरक्षित किया जा सके।

हर पांच-सात मिनट में रेल : यात्रियों के लिए प्रत्येक पांच से सात मिनट में रेल चलाने के लिए ट्रंक रेल मार्ग दिल्ली-कोलकाता-चेन्नई-मुंबई (स्वर्णिम चतुभरुज) के बीच हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की तैयारी है। चतुर्भज हाई स्पीड और सेमी हाई स्पीड (160 किलोमीटर प्रतिघंटा) रेल चलाने का खाका तैयार किया जा चुका है। इसमें 38,000 किलोमीटर लाइनों का विद्युतीकरण किया जाएगा। हाई स्पीड रेल के लिए रेलवे प्रमुख रेल मार्गो की पुरानी पटरियों को हटाकर नई पटरियां बिछाने का काम तेजी से कर रहा है। पटरियों की आपूर्ति के लिए रेलवे ग्लोबल टेंडर जारी कर विदेशी कंपनियों से पटरी खरीदेगी।




आधुनिक सिग्नल सिस्टम के लिए 60 हजार करोड़ की उम्मीद : आधुनिक सिग्नल सिस्टम खड़ा करने के लिए 60 हजार करोड़ से अधिक निवेश किया जाना है। इसमें ट्रेन कोलिजन एवायडेंस सिस्टम (टीकैश) व अन्य उपकरणों की मदद से प्रत्येक पांच से सात मिनट में रेल चलाई जा सकेंगी। रेल लाइनों की क्षमता बढ़ाने से नई यात्री रेल चलाई जा सकेंगी।वहीं पहले से दौड़ रही रेलगाड़ियों की रफ्तार बढ़ेगी।

रेल संपत्ति का मुद्रीकरण (30 हजार करोड़) व इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी) के बांड (20 हजार करोड़) और रेलवे के आंतरिक स्नेत से (18 हजार करोड़) धन जुटाने की योजना बनाई है।




पीयूष गोयल की प्राथमिकता यात्री संरक्षा, प्रमुख रेल मार्गो का 100 फीसदी विद्युतीकरण और दशकों पुराने सिग्नल सिस्टम को बदलकर विश्व स्तरीय नया सिग्नल सिस्टम लगाने की है। गोयल ने पिछले दिनों कहा कि सरकार यदि सहायता देती है तो बेहतर है अन्यथा रेलवे अपने संसाधनों से परियोजनाओं को पूरा करने में सक्षम है।

Category: Indian Railways, News

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