Railway has changed reservation rules for booking seats in trains

| January 17, 2018

1साल के पहले महीने में ही रेलवे ने यात्रियों के लिए नई सुविधा की शुरुआत की है। अब स्पेशल टेनों में भी सामान्य टेनों के तर्ज पर 120 पहले आरक्षण की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही यह व्यवस्था सुविधा स्पेशल टेनों में भी मान्य होगी। 15 जनवरी से इसकी शुरुआत कर दी गई है। फिलहाल छह महीने के ट्रायल पर इसे लागू किया गया है। हालांकि सुविधा और स्पेशल टेनों के किराए में किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया गया है। 1पहले अधिकतम दो माह पूर्व की थी अनुमति : रेलवे ने स्पेशल टेनों को लेकर 2015 में संशोधित आदेश जारी किए थे। इनमें किराए के साथ आरक्षण सेवा की अवधि में भी संशोधन किया गया था।








स्पेशल टेनों में यात्रियों को 10 दिन से अधिकतम 60 दिन पहले तक ही आरक्षण कराने की सुविधा दी गई थी। अब इसका विस्तार चार माह यानी 120 दिन किया गया है। 1सुविधा टेनों में पहले 30 दिन पहले तक की थी अनुमति : सुविधा स्पेशल टेनों में आरक्षण कराने को लेकर न्यूनतम 10 दिन और अधिकतम एक माह यानी 30 दिन तक का ही समय निर्धारित था। नये निर्णय के अनुसार इन टेनों में भी अब 120 पहले आरक्षण करा सकते हैं। इतना ही नहीं सुविधा जैसी प्रीमियम टेनों के टिकट रद कराने पर अब सामान्य-मेल एक्सप्रेस के तर्ज पर रिफंड मिलेगा। अतिरिक्त शुल्क नहीं चुकाने होंगे।




अब ट्रेन की निचली बर्थ और त्योहारों का किराया होगा और भी मंहगा!

रेल यात्रियों को नीचे की बर्थ लेने के लिए और त्योहारों के सीजन में यात्रा करने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है

रेल यात्रियों को नीचे की बर्थ लेने के लिए और त्योहारों के सीजन में यात्रा करने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है. रेलवे की किराया समीक्षा समिति ने ये सिफारिशें की हैं. यदि रेलवे बोर्ड इन सिफारिशों को स्वीकार कर लेता है तो रेल यात्रियों को नीचे की बर्थ और त्योहारों के सीजन में टिकट बुक कराने पर ज्यादा पैसे देने होंगे.

एयरलाइंस और होटलों जैसा होना चाहिए रेलवे का मॉडल

सूत्रों ने बताया कि प्रीमियम ट्रेनों में फ्लेक्सी किराया प्रणाली की समीक्षा के लिए गठित समिति ने सुझाव दिया है, कि रेलवे को एयरलाइंस और होटलों की तरह डायनामिक मूल्य मॉडल अपनाना चाहिए. रेलवे कमिटी का मानना है कि जिस तरह से विमान में यात्रियों को आगे की लाइन की सीटों के लिए अधिक भुगतान करना पड़ता है, उसी तरह ट्रेनों में भी यात्रियों से उनकी पसंद की बर्थ के लिए अधिक किराया वसूला जाना चाहिए.



त्योहारों के सीजन में बढ़ाया जाए किराया

सूत्रों ने कहा कि सुविधाजनक टाइम-टेबल बनाया जाएगा और फिर विशेष मार्ग पर लोकप्रिय ट्रेनों का किराया बढ़ाया जा सकता है. समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि एक बार किराए बढ़ाने की बजाय रेलवे को त्योहारों के सीजन के दौरान किराया बढ़ाना चाहिए.

कम व्यस्त महीनों में किराये में कमी करनी चाहिए. इसके अलावा असुविधाजनक समय पर अपने गंतव्य पहुंचने वाली ट्रेनों के यात्रियों को रियायत दी जानी चाहिए.

किस समय पर पहुंचने वाली ट्रेनों को दी जा सकती है रियायत

मसलन रात 12 से सुबह 4 बजे और दोपहर को 1 बजे से शाम 5 बजे तक पहुंचने वाली ट्रेनों के यात्रियों को किराए में रियायत दी जा सकती है. समिति में रेलवे बोर्ड के अधिकारी, नीति आयोग के सलाहकार रविंद्र गोयल, एयर इंडिया की कार्यकारी निदेशक (राजस्व प्रबंधन) मीनाक्षी मलिक, प्रोफेसर एस श्रीराम और ली मेरिडियन दिल्ली के राजस्व निदेशक इति मणि शामिल हैं.

जानें भारत के आम बजट से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

समिति ने अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपी है. समिति ने फ्लेक्सी किराया प्रणाली में इन बदलावों का सुझाव दिया है. इस प्रणाली में प्रीमियम ट्रेनों में किराया 50 फीसदी तक बढ़ जाता है जिसका विभिन्न डिपार्टमेंट से विरोध हो रहा है.

फ्लेक्सी किराया प्रणाली में आधार किराया प्रत्येक 10 प्रतिशत सीटों की बुकिंग के बाद 10 प्रतिशत बढ़ जाता है. यह बढ़ोतरी 50 प्रतिशत तक होती है. सूत्रों ने बताया कि समिति ने रातभर में यात्रा पूरी करने वाली और पैंट्री कार सुविधा वाली रेलगाडि़यों में प्रीमियम शुल्क का भी सुझाव दिया है.

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.