Trackmen bring their plights into the notice of Chairman Railway Board

| January 13, 2018

गैंगमैन बोले- अरे साहब, कैसे ट्रैक की सुरक्षा करें, जब रात में ट्रैक के निरीक्षण में हमारे पास महज एक टार्च तक नहीं है? कहने के बाद भी आज तक सभी को टार्च नहीं मिल पाई है। उनकी दलील थी कि ऐसे हालात में ट्रैक पर गड़बड़ी होने पर उन्हें ज्ञात ही नहीं हो पाता है। गैंगमैनों ने कहा कि जंगल और सुनसान इलाकों में टार्च नहीं होने से उनकी भी जान को जोखिम है। यही नहीं, पेट्रोलिंग के लिए डीजल आदि भी समय से नहीं दिया जाता है।

सोमवार को पूर्वान्ह 11.45 बजे उक्त बात गैंगमैन ने रेलवे बोर्ड अध्यक्ष अश्वनी लोहानी से कही। लोहानी उस वक्त रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर रहे थे। इनके आगे-पीछे भागते-हांफते मंडल के अफसरों के हाथ-पांव उस समय फूल गए, जब प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहले से ही 50 गैंगमैनों की टीम ने बोर्ड अध्यक्ष को अचानक घेर लिया।








वहां उन्होंने अपना दुखड़ा सुनाने के साथ ही सवालों की बछौरा कर दी। बहरहाल बोर्ड अध्यक्ष ने बड़े ही शांत और शालीनता से उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तलब कर लिया। सबके सामने ही उन्होंने तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। इन्हीं शिकायतों में एक बड़ी आश्चर्यजनक बात सामने आई तो बोर्ड अध्यक्ष भी चौंक पड़े।

गैंगमैनों ने कहा कि साल में सिर्फ एक बार ही जूते दिए जाते हैं, जो 6 माह में ही फट जाते हैं। इसके बाद जब वह ट्रैकों की जांच करने के लिए पटरियों पर चलते हैं तो उनके पैर जख्मी हो जाते हैं। इनकी पीड़ा को सुनने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बुलाकर वस्तु स्थति जानी, लेकिन मिली दलीलों से वे संतुष्ट नहीं दिखे।

इसके बाद एक फिर गैंगमैनों ने मिल रही सुविधाओं के अलावा मांग की, 20 साल से नौकरी कर रहे हैं, लेकिन विभागीय परीक्षा में पास होने के बाद भी प्रमोशन नहीं दिया गया। जिस संबंधित अधिकारी ने कहा कि गैंगमैनों की संख्या कम है, गैंगमैनों की भर्ती प्रक्रिया पूरा किए जाने के बाद इनके प्रमोशन की मांग पूरी कर दी जाएगी।




झलकियां

1-जैसे ही रेलवे बोर्ड अध्यक्ष रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, अफसर और कर्मचारियों ने गुलाब का फूल और गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया।

2-यात्री प्रतीक्षालय में बोर्ड अध्यक्ष घुसे और वहां का हाल जाना। उन्होंने कहा कि इनके आराम करने के दौरान 24 घंटे आरपीएफ के जवान तैनात किए जाएं।

3-पूछताक्ष काउंटर में पहुंचे और कार्य प्रणाली की जानकारी हासिल की, जहां उन्होंने दिव्यांग कर्मचारियों का हौसला आफजाई की।

4-क्या जनता खाना रेलवे का है? बोर्ड अध्यक्ष के पूछने पर तपाक से पीछे चल रहे अफसर बोले- एस सर। यह सुनकर बोर्ड अध्यक्ष के कदम रुक गए। फिर क्या था, पूछने लगे कि हर दिन का कितना है टर्न ओवर है? अधिकारियों ने बताया कि 25 हजार रुपए। उन्होंने हिदायत दी कि खाने की गुणवत्ता पर ध्यान दें।

5-इसके बाद वे सैलून कोच में सवार होने जा ही रहे थे कि आरपीएफ थाने पर नजर पड़ी तो उधर ही चल पड़े। जहां उन्होंने अराजकतत्वों पर नजर रखने और साफ-सफाई रखने की बात कही। परिसर को सुंदर बनाने के टिप्स भी दिए। मेंटनेंस नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इसे कहीं और शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए।

6-रेलवे स्टेशन पर ही विधायक श्रीचंद सुंदरानी और समेत अन्य व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की।




अब रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहेगी मेडिकल टीम

अब रेलवे स्टेशनों पर 24 घंटे यात्रियों के आपातकालीन स्थिति में इलाज के लिए मेडिकल की टीम तैनात रहेगी। ये उक्त मांगें विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से की। जिस पर उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा सुझाव है। इसके लिए वे रेलवे बोर्ड की कमेटी के समक्ष रखेंगे, जल्द ही इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए प्रयास करेंगे।

डब्ल्यूआरएस की 35 एकड़ जमीन जहां झुग्गी-झोपड़ियों के स्थान पर इनके लिए ही 5 एकड़ जमीन अगर राज्य सरकार को दे दी जाए तो हम एक कालोनी बसाएंगे, ऐसे में रेलवे की 30 एकड़ जमीन मुक्त हो जाएगी और गरीबों को आवास।

उन्होंने स्थानीय लोगों को रेलवे में नौकरी देने की भी मांग की। इसके अलावा इन्होंने रेलवे क्षेत्र में रहवासियों के लिए शौचालय, पेयजल, बिजली, नाली निर्माण और सफाई व्यवस्था, रेलवे अस्पताल और कालोनी में सफाई और सुरक्षा पुख्ता किया जाए। इन सभी मांगों पर बोर्ड अध्यक्ष ने पूरा करने का आश्वासन दिया।

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष ने रखा मांगों का पुलिंदा

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स ऑफ एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष जैन जीतेन्द्र बरलोटा ने रेलवे बोर्ड अध्यक्ष के सामने मांगों का पुलिंदा रखा। इसमें रेलवे ट्रिब्यूनल की बैच बिलासपुर जोन में हो, बिलासपुर से रायपुर, कल्याणपुर होते हुए स्पेशल ट्रेन गोवा तक चलती थी, उसे सुचारु किया जाए, रायपुर से इंदौर के लिए सीधे ट्रेन चलाई जाए, गोंदिया से हावड़ा की एक ट्रेन चले। इसके अलावा उन्होंने ट्रेनों के फेरे बढ़ाए जाने और नई ट्रेने चलाने की मांग की। इसका मांग पत्र रेलवे बोर्ड को सौंपा।

जब स्टेशन की पटरियों पर छिड़का गया परफ्यूम

वाह! क्या खूब रेलवे बोर्ड अध्यक्ष के रेलवे स्टेशन पर पहुंचे से एक से 5 मिनट पूर्व तक ट्रैकों पर फरफ्यूम तक का छिड़काव हुआ, क्योंकि अगर कहीं बदबू का आभास साहब हो गया तो शामत आ सकती थी। जब नईदुनिया की टीम उनके आने के इंतजार में प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी तो यह नजारा दिखा।

एक तरफ पानी के बौछारों से बार-बार ट्रैकों को हर ट्रेन जाने के बाद धोया जा रहा था। जैसे ही यह काम पूरा होता था तो एक कर्मचारी आता और फेशनर और परफ्यूम छिड़क रहा था। ऐसे माहौल से मौजूद यात्रियों को भी आश्चर्य हो रहा था कि आखिर क्यों नजरा बदला-बदला सा है।

रायपुर रेलवे स्टेशन को 50 हजार, पूछताछ केंद्र और गैंगमैनों को 10-10 हजार रुपए का अवॉर्ड

बिलासपुर रवाना होने से पूर्व भारतीय रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने रायपुर रेलवे स्टेशन को मेंटेनेंस के लिए 50 हजार रुपए का अवॉर्ड देने की घोषण की। इसके साथ ही स्टेशन के पूछताछ केन्द्र और गैंगमैनों की यूनिट को भी 10-10 हजार रुपए के अवॉर्ड मिलेगा।

Category: Indian Railways, News

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