Operating of Goods Train to go online

| January 13, 2018

रेल मंत्रलय स्फूर्ति सॉफ्टवेयर की मदद से आठ हजार से अधिक मालगाड़ियों का परिचालन ऑनलाइन करने जा रहा है। इससे डिविजन, जोनल और रेलवे बोर्ड स्तर से उनकी निगरानी हो सकेगी। नए एप की मदद से मालगाड़ियों की गति बढ़ेगी। इससे पैसेंजर, लोकल ट्रेनों व एक्सप्रेस ट्रेनों को रेल मार्ग खाली मिलेंगी जिससे उनकी रफ्तार बढ़ेगी।रेल मंत्रलय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि क्रिस ने नया सॉफ्टवेयर स्मार्ट फ्रेट ऑपरेशन ऑप्टीमाइजेशन एंड रियल टाइम इनफॉर्मेशन (स्फूर्ति) तैयार किया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि भारतीय रेल में ढाई लाख से अधिक वैगन (डिब्बे) कंप्यूटर स्क्रीन पर होंगे। भौगोलिक सूचना तंत्र (जीआईएस) के तहत भारतीय रेल का मैप व रेलवे मार्गो का खाका तैयार किया गया है। नए एप की मदद से मालगड़ियों की ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी। डिजिवन, जोन व रेलवे बोर्ड स्तर से मालगड़ियों में लदान, ढुलाई, रफ्तार आदि की निगरानी होगी।








यात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे बोर्ड गंभीर

रेलयात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी काफी गंभीर हैं। रेलवे हैडक्वार्टर से आए आदेशों के मुताबिक उत्तर रेलवे के सभी स्टेशनों पर खाद्य पदार्थों के स्टॉलों पर हैल्पलाइन नंबर और कमर्शियल कंट्रोल का नंबर लिखना अनिवार्य होगा, ताकि यात्री खान-पान संबंधी शिकायत इन नंबरों द्वारा रेलवे अधिकारियों तक पहुंचा सकें।




इसके अलावा उनके निर्देशों पर रेलवे हैडक्वार्टर ने उत्तर रेलवे के सभी मंडलों के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधकों को हिदायत दी है कि वे अपने-अपने मंडलों में 15 जनवरी तक इन नियमों को तुरंत प्रभाव से लागू करने के लिए एक ड्राइव चलाएं। फिरोजपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मोनू लूथरा ने रेलवे के हैल्पलाइन नंबर और मंडल के कमर्शियल कंट्रोल के मोबाइल नंबर जारी करते हुए कहा कि अगर मंडल के किसी भी स्टेशन के खाद्य पदार्थों के स्टॉलों पर ये नंबर नहीं लिखे होंगे तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।




इसके अलावा उन्होंने कहा कि कार पार्किंग पर भी रेट लिस्ट का लगा होना जरूरी है, ताकि पार्किंग ठेकेदार यात्रियों से ओवरचार्ज न कर सकें। लूथरा ने कहा कि दिव्यांग यात्रियों को रियायती दर पर टिकट लेने के लिए बनाए जाने वाले कंसेशन कार्ड को अप्लाई करने के 3 महीने के अंदर बनाया जाएगा। उन्होंने मंडल के सभी सी.एम.आई. को आदेश जारी किए हैं कि वे अपने क्षेत्र के स्टेशनों पर जाकर बुकिंग, पार्सल,  रिजर्वेशन, रेलवे टिकट चैकिंग स्टाफ  और कुलियों को यात्रियों से नरम व्यवहार करने की प्रेरणा दें। कमर्शियल स्टाफ  उचित वर्दी व नेम प्लेट लगाकर ही ड्यूटी करे।  वहीं दूसरी तरफ  सीनियर डी.सी.एम. ने यात्रियों से अपील की है कि ई-टिकट द्वारा टिकट बुक करवाने वाले वेटिंग लिस्टिड यात्री ट्रेन में सफर न करें। उन्होंने तर्क दिया कि अगर ई-टिकट बुक करवाने वाले यात्री की चार्ट बनने तक टिकट कन्फर्म नहीं होती है तो ई-टिकट ऑटोमैटिक कैंसिल हो जाती है और यात्री के खाते में रिफंड आ जाता है। ऐसे में वह बिना टिकट माना जाता है। अगर ऐसा कोई यात्री ट्रेन में सफर करते हुए पकड़ा गया तो उसे जुर्माना किया जाएगा।

Category: Indian Railways, News

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