आधार के जरिए उच्च शिक्षण संस्थानों में 80,000 फर्जी शिक्षकों का पता चला

| January 5, 2018

नई दिल्ली :- आधार को लेकर छाई तमाम आशंकाओं के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। आधार नंबर अनिवार्य किए जाने के बाद उच्च शिक्षण संस्थानों को लेकर देशभर में किए गए सर्वे (AISHE) 2016-17 में 80 हजार से ज्यादा ऐसे टीचर्स का पता चला है, जो देश के तीन या इससे ज्यादा उच्च शिक्षण संस्थानों में फैकल्टी मेंबर थे। शुक्रवार को मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने AISHE 2016-17 रिपोर्ट जारी करते हुए यह जानकारी दी।

दरअसल, HRD मंत्रालय ने आधार के जरिए देश के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में करीब 80 हजार ऐसे शिक्षकों की पहचान की है, जिनका कोई वजूद ही नहीं है। हालांकि प्रकाश जावडे़कर ने यह स्पष्ट किया है कि इनमें से कोई भी शिक्षक किसी केंद्रीय विश्वविद्यालय से नहीं है। अब तक, 85 प्रतिशत टीचर्स ने अपने आधार नंबर दिए हैं और मंत्रालय का मानना है कि फर्जी टीचर्स की तादाद और बढ़ सकती है।

जावडे़कर ने कहा, ‘कुछ ऐसे फर्जी शिक्षक हैं जो प्रॉक्सी तरीका अपनाते हैं और और कई जगहों पर पूर्णकालिक कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे हैं। आधार शुरू होने के बाद, ऐसे 80 हजार शिक्षकों की पहचान हुई है और उनके खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि किसी केंद्रीय विश्वविद्यालय में फर्जी शिक्षकों की पहचान नहीं हुई है, लेकिन कुछ राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों में ऐसे शिक्षक जरूर हैं। मंत्रालय ने सभी विश्वविद्यालयों से सभी कर्मचारियों और छात्रों से आधार संख्या मांगने के लिए कहा है जिससे ड्यूप्लिकेशन न हो सके। उधर, डेटा लीक होने के बारे में लगातार चिंता जताई जा रही है।

जावडे़कर ने कहा, ‘आधार नंबर शेयर करना आपके मोबाइल नंबर और ईमेल शेयर करने की तरह ही है। अगर आप अपने मोबाइल नंबर को शेयर करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह आपका मेसेज देख सकता है। आधार भी उसी तरह से काम करता है। यह सुरक्षित है।’

रिपोर्ट में इस सेक्टर में ग्रोथ को भी रेखांकित किया गया है, कुल नामांकन अनुपात (GER) पांच साल पहले 21.5% की तुलना में अब 25.5% हो गया है। पिछले पांच वर्षों में मुस्लिमों और दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों का GER काफी स्लो रहा है। 2012-13 में 18-23 साल की उम्र के मुस्लिम युवाओं का GER 4.15% था, जो अब 2016-17 में 4.90% है। इसी प्रकार से दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों की GER ग्रोथ 0.33% ही रही है।

सर्वे में बताया गया है कि पिछले पांच साल में उच्च शिक्षा में 18 से 23 साल के बीच के स्टूडेंट्स की तादाद 35 लाख बढ़ी है। हालांकि केवल लड़कियों के लिए कॉलेज 9.3% हैं। 10 राज्यों में 15 विमिन एक्सक्लूसिव यूनिवर्सिटीज हैं। यही नहीं, पिछले पांच वर्षों में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की संख्या तेजी से बढ़ी है। प्राइवेट कॉलेजों की संख्या अधिक है। बेंगलुरु 1025 कॉलेजों के साथ सबसे बडे़ एजुकेशन हब के तौर पर उभरा है। दूसरे स्थान पर 635 के साथ जयपुर है और 487 कॉलेजों के साथ हैदराबाद तीसरे स्थान पर है।

Source:- NBT

Category: News

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