Railways to fill half of the 1.3 Lakh vacant posts

| December 31, 2017

आधे पदों को तत्काल भरने का किया गया है फैसला, रेल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, रेलवे में सुरक्षा से जुड़े स्वीकृत पदों में से करीब 1.3 लाख पद रिक्त

रेलसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि सुरक्षा से जुड़े खाली पदों में से आधे पदों को तात्कालिक आधार पर भरने का फैसला किया गया है। गोयल ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में कहा कि ताजा आकलन के अनुसार रेलवे में सुरक्षा से जुड़े स्वीकृत पदों में से करीब 1.3 लाख पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों में से आधे पदों को तत्काल भरे जाने का फैसला किया गया है। गोयल ने कहा कि पहले इन पदों को भरने में एक से दो साल तक का समय लगता है और उसका कम कर छह से नौ महीने किया गया है। उन्होंने हालांकि कहा कि सरकार द्वारा पिछले तीन चार साल में नयी प्रौद्योगिकी को अपनाने से उतने पदों की जरूरत नहीं रह गयी है।








टक्कर रोधी उपकरण का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि यह अभी परीक्षण के दौर में ही है। उन्होंने कहा कि अभी आईसीएफ और एलएचबी दो प्रकार के डिब्बों का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से एलएचबी डिब्बे स्वाभाविक रूप से बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे ने फैसला किया है कि अगले साल जून के बाद आईसीएफ डिब्बों का उत्पादन नहीं किया जाएगा। रेलवे क्रासिंगों के बारे में पूछे गए एक सवाल पर गोयल ने कहा कि यह नीतिगत फैसला किया गया है कि अगले साल गणोश चतुर्थी तक व्यस्त मागरे पर सभी चौकीदार रहित फाटकों को समाप्त कर दिया जाएगा।








रेल दुर्घटनाओं के बारे में आंकड़े पेश करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आयी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए कदम उठाना एक सतत प्रक्रि या है। बरवाडीह-चिरमिरी रेल लाइन के बारे में पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस परियोजना को 1947 में ही स्वीकृति दी गयी थी लेकिन इस पर कोई ठोस काम नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि इसी साल नवंबर में इस लाइन का सर्वे कराने का फैसला किया गया है और उसकी रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बिहार की रेल परियोजनाओं से जुड़े एक सवाल के जवाब में गोयल ने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में पिछले तीन साल के दौरान बिहार को आवंटित औसत राशि पहले की अवधि की अपेक्षा लगभग दोगुनी रही है। मुगलसराय-दिल्ली रेल खंड पर ट्रेनों के देर से चलने की शिकायतों पर रेल मंत्री ने कहा कि इस मार्ग पर काफी यातायात है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इन कदमों में रेल पटरियों का बदलना शामिल है।

Category: Indian Railways, News

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