दो किलोमीटर पहले रेल चालकों को मिल जाएगी सिग्नल की जानकारी

| December 29, 2017

रेल चालकों को अब दो किमी पहले जहां सिग्नल की जानकारी मिलेगी वहीं उसके आगे के सिग्नल का भी पता चल जाएगा। इसके लिए रेल इंजनों में फॉग पायलट असिस्टेंस सिस्टम (फॉग पास) लगाए जा रहे हैं। इससे सिग्नल ओवरसूट करने का खतरा भी कम हो जाएगा।1 इससे टेनों के संरक्षित में मदद मिलेगी। कोहरे के कारण होनेवाली लेटलतीफी में भी इससे कमी आएगी और समयपालन में सुधार होगा।








पूर्व मध्य रेल के अन्य रेल मंडलों में अपनाए जाने के बाद अब धनबाद मंडल से खुलनेवाले टेनों में भी फॉग पास डिवाइस लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यालय ने जल्द से जल्द सभी इंजन में डिवाइस लगाने का निर्देश दिया है। गुरुवार को पूर्व मध्य रेल मुख्यालय हाजीपुर में अपर महाप्रबंधक अनूप कुमार की मौजूदगी में हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई। प्रबंधन में रेलकर्मियों की भागीदारी (प्रेम) की बैठक में अपर महाप्रबंधक ने कहा कि स्टेशन एवं रेलगाड़ियों में स्वच्छता में गुणात्मक सुधार हुआ है।




देशभर के रेलवे स्टेशनों की ग्रेडिंग बदल दी गई है। अब उन्हें ए-वन या ए श्रेणी का नहीं बल्कि एनएसजी-1 से 6 तक के ग्रेड में रखा गया है। पहले जहां स्टेशन की आमदनी के आधार पर ग्रेडिंग होती थी, अब वहां आनेवाले यात्रियों की संख्या भी ग्रेडिंग का आधार बनेगी। नए सिस्टम का लाभ छोटे स्टेशनों को मिलेगा। वैसे छोटे स्टेशन जहां यात्रियों की संख्या अधिक है, उनमें भी बेहतर यात्री सुविधाएं विकसित होंगी। 1तीन ग्रुप के होंगे रेलवे स्टेशन1स्टेशनों को अब तीन ग्रुप में क्लब किया गया है।




इनमें गैर उपनगरीय, उपनगरीय और हॉल्ट शामिल हैं। इन तीन ग्रुप को एनएसजी वन से 6 तक ग्रेडिंग की गई है। 1एनएसजी-4 को विकसित करने के लिए रेल जीएम अधिकृत1एनएसजी-4 ग्रेड के रेलवे स्टेशनों में शामिल जंक्शन या पर्यटनस्थल वाले रेलवे स्टेशन को संवारने के लिए रेल महाप्रबंधकों को अधिकृत किया गया है। अब उन्हें संरक्षा को बेहतर बनाने के लिए खर्च की अनुमति नहीं लेनी होगी।

Category: Indian Railways, News

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