रेलवे में 1.3 लाख सुरक्षा से जुड़े पद रिक्त, 65 हजार पदों पर भर्ती जल्द

| December 29, 2017

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रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि मंत्रालय में सुरक्षा से जुड़े 65 हजार खाली पदों को तत्काल भरने का फैसला किया गया है। उन्होंने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में कहा कि ताजा आकलन के अनुसार रेलवे में सुरक्षा से जुड़े स्वीकृत पदों में से करीब 1.3 लाख पद रिक्त हैं। गोयल ने कहा कि पहले इन पदों को भरने में एक से दो साल तक का समय लगता था। लेकिन हमने इसे कम छह से नौ महीने किया है। उन्होंने हालांकि कहा कि सरकार द्वारा पिछले तीन चार साल में नई प्रौद्योगिकी को अपनाने से उतने पदों की जरूरत नहीं रह गई है।








टक्कर रोधी उपकरण का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि यह अभी परीक्षण के दौर में ही है। उन्होंने कहा कि अभी आईसीएफ और एलएचबी दो प्रकार के डिब्बों का प्रयोग किया जा रहा है। मंत्री ने कहा, सुरक्षा के लिहाज से एलएचबी डिब्बे स्वाभाविक रूप से बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे ने फैसला किया है कि अगले साल जून के बाद आईसीएफ डिब्बों का उत्पादन नहीं किया जाएगा।




रेलवे क्रासिंगों के बारे में पूछे गए एक सवाल पर गोयल ने कहा कि यह नीतिगत फैसला किया गया है कि अगले साल गणेश चतुर्थी तक व्यस्त मार्गों पर सभी चौकीदार रहित फाटकों को समाप्त कर दिया जाएगा। रेल दुर्घटनाओं के बारे में आंकड़े पेश करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए कदम उठाना एक सतत प्रक्रिया है।

झारखंड की सात दशक की मांग पर कार्रवाई 
बरवाडीह-चिरमिरी रेल लाइन के बारे में पूछे सवाल पर गोयल ने कहा कि इस परियोजना को 1947 में ही स्वीकृति दी गई थी। लेकिन इस पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि नवंबर में इस लाइन का सर्वे कराने का फैसला किया गया है और उसकी रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




बिहार की योजनाओं को दोगुना आवंटन 
बिहार की रेल परियोजनाओं से जुड़े सवाल पर रेलमंत्री ने कहा, मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पिछले तीन साल के दौरान बिहार को आवंटित औसत राशि पहले की अवधि की अपेक्षा लगभग दोगुनी रही है।

माना मुगलसराय-दिल्ली रूट पर परेशानी 
मुगलसराय-दिल्ली रेल खंड पर ट्रेनों के देर से चलने की शिकायतों पर गोयल ने कहा कि इस मार्ग  पर काफी यातायात है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इन कदमों में रेल पटरियों का बदलना शामिल है।

Source:- Hindustan

Category: Indian Railways, News

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