सरकार ने पीपीएफ, एनएससी ब्याज दरों में की कटौती, क्या अभी भी निवेश के लिए है फायदेमंद

| December 28, 2017

सरकार ने पीपीएफ, एनएससी ब्याज दरों में की कटौती, क्या अभी भी निवेश के लिए है फायदेमंद

केंद्र सरकार ने छोटी बचत स्कीम जैसे पीपीएफ, एनएससी, कन्या विकास पात्र, सुकन्या समृद्धी योजना जैसी तमाम छोटी योजनाओं की ब्याज दर में 0.2 फीसदी की कटौती की है।








केंद्र सरकार ने छोटी बचत स्कीम जैसे पीपीएफ, एनएससी, कन्या विकास पात्र, सुकन्या समृद्धी योजना जैसी तमाम छोटी योजनाओं की ब्याज दर में 0.2 फीसदी की कटौती की है। बहरहाल सरकार के इस कदम के बाद आप सोच रहे होंगे कि क्या इन स्कीमों में अब निवेश करना फायदा का सौदा है या फिर नहीं। योजनाओं में रेट कट के बावजूद निवेश आज भी फायदा का सौदा है, क्योंकि इन योजनाओं में पैसा लगाने से एक तो आपको टैक्स बेनेफिट मिलेंगे और दूसरा क्योंकि ये सेफ इंवेस्टमेंट हैं लिहाजा आपका पैसा डूबेगा नहीं। हम आपको ऐसी ही तीन स्कीमों के बार में बताने जा रहे हैं, जिनके ब्याज दर में सरकार ने कटौती तो की है, बावजूद इसके इनमें निवेश करना आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

सुकन्या समृद्धी योजना

सुकन्या समृद्धी योजना सरकार द्वारा लड़कियों के लिए शुरु की गई छोटी बचत योजना है। ब्याज दर में कटौती के बाद अब आपको 8.1 फीसदी ब्याज मिलेगा. जो पहले 8.3 फीसदी हुआ करता था। इस स्कीम में निवेश करना इसलिए फायदेमंद है क्योंकि, इस स्कीम के अंतर्गत आपको ज्यादा ब्याज मिल रहा है। बेटी के जन्म के 10 साल के भीतर, 10,000 की राशी जमा करके सुकन्या समृद्धी अकाउंट खोला जा सकता है। अकाउंट खोलने के बाद अगले 14 साल तक आपको कम से कम 1000 रुपये सालाना प्रीमियम देना होगा। यही नहीं एक साल के भीतर आप ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपये तक जमा करवा सकते हैं। 21 साल तक या लड़की के बालिग हो जाने के बाद उसकी शादी होने तक अकाउंट खुला रहेगा। लड़की के 18 साल की होने के बाद, उसकी पढ़ाई के लिए आप कुल अमाउंट का 50 फीसदी पैसा लगाना होता है।




पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ)

पीपीएफ में भी सरकार ने 0.2 फीसदी की कटौती की है। यानी अब आपको पहले के मुकाबले हर साल 7.8 फीसदी ब्याज की जगह 7.6 फीसदी ब्याज देना होगा। पीपीएफ खाता आप 100 रुपये की राशी के साथ भी खोल सकते हैं। निवेशकर्ता को ये ध्यान रखना होगा, कि वो अगले 15 सालों तक, प्रति वर्ष 500 रुपये अकाउंट में जमा करते रहे। ऐसा ना करने पर अकाउंट बंद हो सकता है। निवेशकर्ता एक साल में 1,50,000 रुपये तक अपने खाते में जमा कर सकता है। पीपीएफ अकाउंट शुरु होने के 7 साल के भीतर आप पैसा नहीं निकाल सकते हैं।




नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट

एनएससी में भी ब्याज दर घटाकर अब 7.6 फीसदी हो गया है। एनएससी में इवेस्ट करने से निवेशकर्ता अपना टैक्स बचा सकता है। एनएससी बॉन्ड खरीदने की कोई लिमिट नहीं है, मगर 1 लाख तक इवेंसटमेंट से आप इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 के तहत आपका टैक्स जरूर बच सकता है। इंडिया पोस्ट वेबसाइट के मुताबिक 1.4.2012 को एनएससी के 100 रुपये के बॉन्ड की कीमत पांच साल बाद 147.61 रुपये  हैं।

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