रेलवे अधिकारी नहीं मान रहे चेयरमैन रेलवे बोर्ड का आदेश

| December 27, 2017

रेलवे के अधिकारी रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्वनी लोहानी का आदेश नहीं मान रहे हैं। ऐसे हालत में कर्मियों के उत्पीड़न पर रोक कैसे लग पाएगा।मंगलवार को उरमू और रेल प्रशासन के बीच दो दिवसीय पीएनएम की डीआरएम आफिस सभागार में हुई। इसमें नरमू नेताओं ने कहा अक्टूबर में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन मुरादाबाद आए थे। उस समय अधिकारियों की लापरवाही से टीटीई की पदोन्नति न होने का मामला उठाया गया था। श्री लोहानी ने सीनियर डीपीओ को आदेश दिया था कि इस संबंध में चेयरमैन को पत्र भेजें, वह पदोन्नति करने का आदेश देंगे।








इसके बाद भी सीनियर डीपीओ ने चेयरमैन को पत्र नहीं भेजा। उरमू नेताओं ने कहा कि वर्ष 2016 में रेल लाइन पर काम करते समय दो गैंगमैन ट्रेन की चपेट में आ गए थे। रेलवे बोर्ड का आदेश है कि ऐसे मामले में एक माह के अंदर मृतक कर्मचारी के आश्रित को 25 लाख रुपये का भुगतान कर दे लेकिन रेल प्रशासन ने एक रुपये का भुगतान नहीं किया। मृतक आश्रित को नौकरी देने के लिए जून में साक्षात्कार हो चुका है लेकिन रिजल्ट अभी तक नहीं निकला। में रेलवे क्वार्टरों की मरम्मत आदि का मामला उठाया।




मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने कहा कि उरमू द्वारा उठाए गए सभी मामलों का बुधवार को संबंधित अधिकारी जवाब देंगे। सीनियर डीपीओ बाहर गईं हुईं हैं। उनके लौटने के बाद चेयरमैन के आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ, यह पूछा जाएगा। 1 में सभी ब्रांच अधिकारी के अलावा उरमू के मंडल अध्यक्ष शलभ सिंह, मंडल मंत्री मनोज शर्मा, जेसी मीना, डीके शर्मा, रेणु श्रीवास, धीरेंद्र सिंह, राजपाल आदि थे।’>>उरमू की पीएनएम में उठाया गया मामला 1’>>अधिकारी कर्मियों का शोषण करने पर हैं उतारू





यूएसएफडी मशीन देगी लाइन टूटने की सूचना

अल्ट्रासोनिक मशीन के फेल हो जाने के कारण टूटी रेल लाइन पर ट्रेनों को दौड़ने से रोकने के लिए रेलवे ने नया उपकरण बनाया है। अल्ट्रासोनिक फ्ला डिटेक्शन (यूएसएफडी) मशीन रेल ट्रैक की टेस्टिंग करेगी। लाइन की बारीकी से जांच करेगी। आंखों से दिखाई नहीं देने वाली कमी इसके द्वारा खोजी जा सकेगी। यह पता चलेगा कि लाइन कब टूट सकती है। मशीन इंटरनेट के माध्यम से सूचना रेल अधिकारियों को पहुंचाने का काम करेगी।

रेल लाइन टूटने और चटकने के कारण खतौली समेत देश में कई बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसको लेकर रेल मंत्रलय की काफी किरकिरी हुई। उसके बाद से ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे लाइन को बदलने व मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। इसके बाद भी रेल लाइन टूटने और टूटी रेल लाइन से ट्रेन दौड़ने की घटनाएं नहीं रुक पा रही हैं। मौसम बदलने के समय कमजोर लाइन व लाइन के अंदर बारीक से बारीक तकनीकी फाल्ट पकड़ने की आवश्यकता जताई गई।

अल्ट्रासोनिक मशीन बारीकी तकनीकी कमी नहीं पकड़ रही: रेलवे के पास उपलब्ध अल्ट्रासोनिक मशीन एक सीमा तक लाइन की जांच करने में सक्षम है, जिससे बारीकी तकनीकी कमी नहीं पकड़ में आती है। अब रेलवे ने रिसर्च डिजाइन एंड स्टेंडर्ड आर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) के डिजाइन के आधार पर अल्ट्रासोनिक फ्ला डिटेक्शन मशीन तैयार की है। 1ऐसे काम करेगी यूएसएफडी: यह लाइन की जांच करेगी। इससे जांच आसान होगी। इसके लिए विशेष कोच तैयार किया है, जो चलते हुए लाइन के कोने-कोने तक की एमआइआर करेगा। इससे पता चल जाएगा कि कहां कमजोर लाइन है। लाइन के अंदर क्या तकनीकी कमी है।

मौसम बदलने के समय कहां लाइन चटक सकती है। इसकी जानकारी एकत्रित करेगा। मशीन नंगी आंखों से नहीं देखे जाने वाली कमी को पकड़ने का भी काम करेगी। इसमें कैमरा भी लगा होगा, जो रेल लाइन पिंड्रोल क्लिप, स्लीपर आदि का वीडियो बनाने का काम करेगा।1’>>रेल प्रशासन ने ट्रेन दुर्घटना रोकने का बनाया नया उपकरण1’>>मशीन इंटरनेट के माध्यम से अधिकारियों को भेजी सूचना

Source:- Danik Jagran 27.12.2017/Moradabad

Category: Indian Railways, News

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