अब जीएम बदल सकेंगे एडीआरएम का कार्य क्षेत्र

| December 27, 2017

अपर मंडल रेल प्रबंधक अगर मनमानी करेंगे तो महाप्रबंधक उन पर अंकुश लगाने के साथ ही कार्यक्षेत्र में भी परिवर्तन कर सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने जीएम की पावर बढ़ा दी है। मुरादाबाद समेत अन्य मंडल में शीघ्र ही एक और एडीआरएम की तैनाती की जाएगी। इसके बाद ट्रेन संचालन और यात्री सुविधाओं में और अधिक सुधार दिखाई देने लगेगा। अश्वनी लोहानी के रेलवे बोर्ड चेयरमैन बनने के बाद रेलवे में लगातार बदलाव किया जा रहा है। ट्रेन संचालन से संबंधित कार्य डीआरएम स्तर पर किया जाता है।








रेलवे बोर्ड ने डीआरएम को असीम अधिकार दिए हैं। इसमें प्रशासनिक के साथ ही वित्तीय मामलों के अधिकार भी हैं। इससे महाप्रबंधक के अधिकारी में काफी कटौती हो गई है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेन संचालन व यात्री सुविधा के लिए एक मंडल में दो एडीआरएम तैनात करने शुरू कर दिए हैं। देश के कई मंडल में दो एडीआरएम तैनात किए जा चुके हैं।




रेलवे बोर्ड ने एडीआरएम की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए महाप्रबंधक को विशेष अधिकार दिए हैं। रेलवे बोर्ड के अधिशासी निदेशक जितेंद्र सिंह ने पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि महाप्रबंधक बिना किसी अनुमति के एडीआरएम का कार्य क्षेत्र बदल सकते हैं। इसकी सूचना रेलवे बोर्ड को भेजनी पड़ेगी।




एडीआरएम के पद पर तीन साल के लिए एक बार नियुक्ति की जाएगी, जो अधिकारी एक बार एडीआरएम बन जाएगा, उसे दूसरी बार मौका नहीं मिलेगा। जिन रेल मंडल में दूसरे एडीआरएम तैनात नहीं किए गए हैं, वहां जल्द ही इस पर अमल होगा। एक एडीआरएम ट्रेन संचालन से संबंधित जबकि दूसरे यात्री सुविधा व प्रशासनिक कार्य देखेंगे। रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद मंडल रेल प्रशासन ने दूसरे एडीआरएम के आफिस के लिए स्थान का चयन करना शुरू कर दिया है।

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.