केंद्र सरकार की सख्ती – संपत्ति का ब्योरा नहीं, तो प्रोन्नति नहीं

| December 27, 2017

केंद्र की मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में कवायद करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के तमाम अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अगले महीने तक अपनी अचल संपत्तियों का ब्योरा सार्वजनिक कर दें। सरकार ने चेतावनी दी है कि ऐसा न करने वाले आईएएस अफसरों की प्रोन्नति तथा विदेशों में तैनाती को विजिलेंस से मंजूरी नहीं मिलेगी। दरअसल, ये अधिकारी सरकार के बार-बार के निर्देशों के बावजूद अपनी संपत्ति का ब्योरा सामने लाने में नाकाम रहे हैं।







केंद्र सरकार का सख्त निर्देश, IPR दाखिल न करने पर विदेशों में तैनाती भी नहीं

2011 के निर्देश: 2011 के निर्देशों के अनुसार, जिन अधिकारियों ने 1 जनवरी, 2018 तक समय पर अपने आईपीआर जमा नहीं किए, तो उन्हें सतर्कता मंजूरी नहीं दी जाएगी और भारत सरकार में वरिष्ठ स्तर के पदों के लिए पदोन्नति के लिहाज से उनके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा।
सतर्कता मंजूरी के लिए शर्त: इस बारे में केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा केंद्र सरकार के सभी विभागों, राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को जारी निर्देश में कहा गया है कि वे तमाम आईएएस अफसरों द्वारा 31 जनवरी, 2018 तक अपनी अचल संपत्ति रिटर्न (आईपीआर) दाखिल करना सुनिश्चित कराएं।




संस्थापन (इस्टेब्लिशमेंट) अधिकारी और अतिरिक्त सचिव पी. के. त्रिपाठी ने हाल ही में दिए गए एक संदेश में कहा है कि डीओपीटी के 4 अप्रैल, 2011 के निर्देशों के अनुरूप यह दोहराया जाता है कि आईपीआर समय पर जमा नहीं होने पर सतर्कता मंजूरी नहीं दिया जाएगा।
5,004 IAS अफसर: अधिकारियों द्वारा आईपीआर दाखिल करने के लिए एक ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार किया गया है। डीओपीटी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में 5,004 आईएएस अफसर कार्यरत हैं
नौकरशाही को लेकर सरकार की इस चेतावनी के पीछे एक धारणा यह है कि अधिकारियों की रिश्वतखोरी और आरामतलबी की आदत की वजह से कोई भी सरकारी काम समय पर नहीं होता। यह भी कहा जाता है कि सरकारी तंत्र के ढुलमुल रवैये ने ही देश के विकास कार्यों की गति बढ़ने नहीं दी है।



देश अगर भूमंडलीकरण का लाभ ढंग से नहीं उठा पाया है, तो इसकी मुख्य जवाबदेही भी नौकरशाही पर डाली जाती है। सरकार को सिर्फ नौकरशाही के भ्रष्टाचार पर प्रहार नहीं करना होगा, बल्कि उसे चुस्त-दुरुस्त बनाना भी बेहद जरूरी है और यह काम ऐसी सख्ती से ही होगा।

Source:- NBT

Category: DOPT, News

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