नए नियमों से होगा रेलवे स्टेशनों की कैटेगरी का निर्धारण रेलयात्रियों को अब रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं का स्तर…

| December 27, 2017

नए नियमों से होगा रेलवे स्टेशनों की कैटेगरी का निर्धारण

रेलयात्रियों को अब रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं का स्तर सुधरा हुआ मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि रेलवे बोर्ड द्वारा रेलवे स्टेशनों की कैटेगरी का निर्धारण अब नए नियमों से किया जाएगा। अभी तक रेलवे स्टेशनों को ए-वन, ए, बी, सी, डी एफ श्रेणियों में बांटा हुआ था लेकिन अब इन्हें तीन भागों में बांटा गया है। इसमें सबअर्बन, नॉन सबअर्बन एवं हॉल्ट स्टेशन के रूप में स्टेशनों का निर्धारण होगा।







रेलवे नियमों के अनुसार, इन कैटेगरी के हिसाब से ही स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाओं का विस्तार होता है। रेलवे बोर्ड से जोनल रेलवेज के मुख्यालय को स्टेशनों पर सुविधाएं विकसित करने के लिए पैसा मिलता है। रेलवे बोर्ड के जेटी डायरेक्टर ट्रैफिक कॉमर्शियल (जी) ने रेलवे स्टेशनों की कैटेगरी का निर्धारण करने के आदेश जारी किए हैं।




बोर्ड ने हाल ही में यह आदेशों की सभी जोन के मुख्यालयों पर जीएम, प्रिंसिपल चीफ कॉमर्शियल, प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर्स, प्रिंसिपल फाइनेंस एडवाइजर, मैनेजिंग डायरेक्टर, सेंट्रल फोर रेलवे इंफॉर्मेशन (क्रिस), डायरेक्टर आईआरआईटीएम को भेजा है। इसमें स्टेशनों के निर्धारण के नए नियमों की जानकारी दी गई है। उसी के आधार पर स्टेशनों की कैटेगरी का निर्धारण होगा। दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर स्थित जयपुर जंक्शन अभी ए-वन श्रेणी में शामिल है। उसी के अनुसार स्टेशन पर यात्री सुविधाएं निर्धारित की गई हैं।




लिफ्ट और एसकेलेटर लगे हुए हैं। अभी तीन लिफ्ट और दो एसकेलेटर की सुविधा और भी शुरू की जा रही है। प्लेटफार्म पर महिला यात्रियों के लिए अलग से एसी प्रतीक्षालय हैं। स्लीपर क्लास के यात्रियों के लिए अलग वेटिंग रूम बना है। रिटायरिंग रूम उपलब्ध हैं। फूड प्लाजा बना हुआ है। हालांकि बैटरी कार की सुविधा अभी शुरू नहीं हो पा रही है। जैसे ही इसे शुरु किया जाएगा, उसके बाद जंक्शन पर आने वाले वृद्ध दिव्यांग जनों के लिए प्लेटफॉर्म बदलना राहत भरा हो जाएगा।

Category: Indian Railways, News

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