Railway Recruitment Board has failed to recruitment in two years

| December 26, 2017
रेलवे में पिछले दो-तीन साल से नौकरी के लिए भटक रहे अभ्यर्थियों का इंतजार समाप्त होने के आसार बने हैं। दस्तावेज की कमी अथवा अन्य तकनीकी कारणों से लगभग 150-200 अभ्यर्थियों के अटके परिणाम को लेकर रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) अजमेर ने रेलवे बोर्ड से मार्गदर्शन मांगा है।

रेलवे में पिछले दो-तीन साल से सहायक लोको पायलट, सहायक स्टेशन मास्टर, जूनियर इंजीनियर और सेक्शन इंजीनियर जैसे पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। लिखित परीक्षा पास करने के बाद जांच में अनेक अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में कमी पाई गई थी। इसके अलावा कुछ अभ्यर्थियों के आवेदन-पत्र के हस्तलेख और परीक्षा के हस्तलेख में भी फर्क पाया गया था। नियुक्ति के लिए अंतिम पैनल में आने के बावजूद एेसे अभ्यर्थियों का परिणाम रोक दिया गया था।









समय पर नहीं भेजे दस्तावेज

रेलवे भर्ती बोर्ड प्रशासन के अनुसार दस्तावेजों की त्रुटि अथवा कमी की वजह से जिन अभ्यर्थियों के परिणाम रोक दिए गए थे उनमें से अधिकांश अभ्यर्थियों ने समय पर दस्तावेज नहीं भिजवाए। अमूमन दस्तावेज जांच के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में वर्तनी की अशुद्धि, जाति प्रमाण-पत्र, तकनीकी शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रमाण-पत्रों में कमी पाई जाती है।








ऐसे अभ्यर्थियों को सही दस्तावेज पेश करने का समय दिया जाता है। भर्ती बोर्ड कार्यालय में दस्तावेज देरी से पहुंचने की वजह से परिणाम लंबित हो जाते हैं।
प्रयास कर रहे हैं कि दस्तावेजों की कमी की वजह से अटके परिणाम शीघ्र जारी कर दिए जाएं। रेलवे बोर्ड को मामला भिजवाया गया है। अमूमन अभ्यर्थी ही संबंधित दस्तावेज भिजवाने में देर करते हैं। अनेक मामलों में तो भर्ती बोर्ड को दस्तावेज नहीं मिले।
आर.के. जैन. अध्यक्ष रेलवे भर्ती बोर्ड अजमेर
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Category: Indian Railways, News

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