इनकम टैक्स की छूट सीमा बढ़ाने को लेकर तीन प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है

| December 22, 2017

इनकम टैक्स मामले की जांच में अब अधिकारियों की मनमानी रुकेगी। टैक्सपेयर्स के एसेसमेंट से लेकर अन्य मामलों की जांच अब किसी एक अधिकारी के हवाले नहीं रहेगी। इनकम टैक्स विभाग में एक नई व्यवस्था जल्द शुरू की जाएगी। इसके तहत टैक्सपेयर्स का एसेसमेंट एक अधिकारी की बजाय अधिकारियों की पूरी टीम करेगी। टैक्स नोटिस भेजने और सुनवाई करने की जिम्मेदारी अलग तय होगी। टैक्स से जुड़े मामलों की जांच भी अधिकारियों की टीम करेगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के सूत्रों के अनुसार, नई व्यवस्था जांच में एक अधिकारी के विवेकाधिकार को खत्म करने और संतुलित जांच के लिए बनाई जा रही है। नई व्यवस्था के प्रस्ताव पर पिछले हफ्ते अधिकारियों की अहम बैठक हुई थी।









ऑनलाइन एसेसमेंट को सफल बनाने के लिए नई व्यवस्था जरूरी है। अभी ट्रांसफर प्राइसिंग के मामले में कमिश्नर की टीम फैसला सुनाती है। इनकम टैक्स विभाग के उच्चाधिकारियों का कहना है कि टैक्सपेयर्स से काफी शिकायतें मिल रही थीं कि जांच को लेकर अधिकारियों का व्यवहार उनके साथ अच्छा नहीं होता। इस तरह के मामलों में भ्रष्टाचार के भी काफी आरोप सामने आए हैं।
I-T अफसरों की टीम करेगी टैक्सपेयर्स का एसेसमेंट

एक फरवरी, 2018 को पेश होने वाले आम बजट में टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स छूट की सीमा 3 लाख रुपये तक बढ़ सकती है। 60 साल से ज्यादा और 80 साल से कम के सीनियर सिटीजन के लिए टैक्स छूट सीमा 3.50 लाख रुपये और 80 साल व उससे अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन के लिए छूट 5.50 लाख रुपये या इससे ज्यादा हो सकती है। लोकसभा चुनाव से पहले यह मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा। इनकम टैक्स की छूट सीमा बढ़ाने को लेकर तीन प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। ये तीन प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने इकोनॉमिस्ट और टैक्स एक्सपर्ट के साथ बातचीत करके बनाए हैं। इस पर अंतिम फैसला पीएमओ के साथ मीटिंग के बाद किया जाएगा। अभी टैक्सपेयर्स को 2.50 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स छूट मिलती है। सीनियर सिटीजन के लिए 3 लाख रुपये और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए इनकम टैक्स छूट 5 लाख रुपये है। इसका मतलब है कि इतनी सालाना आमदनी होने पर कोई इनकम टैक्स नहीं बनता।




इनकम टैक्स छूट सीमा के 3 प्रस्ताव

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पहले प्रस्ताव में टैक्सपेयर्स के लिए छूट की सीमा 2.75 लाख रुपये से 3 लाख रुपये करने, सीनियर सिटीजन के लिए 3.30 लाख से 3.50 लाख और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए 5.50 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। दूसरे प्रपोजल में इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की बात है।

सीनियर सिटीजन की इनकम टैक्स छूट को 4 लाख रुपये और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए 6 लाख रुपये करने का प्रस्ताव इसमें है। तीसरे प्रपोजल में टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स छूट सीमा 2.80 लाख रुपये करने की बात है, जबकि सीनियर सिटीजन और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए छूट की सीमा में 30,000 रुपये की बढ़ोतरी करने की बात कही गई है।

छूट 50,000 रुपये बढ़ाने पर सहमति

वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इनकम टैक्स छूट में 50,000 रुपये की बढ़ोतरी करने पर सहमति है। इसके दो कारण हैं। एक तो 2019 में लोकसभा में चुनाव हैं। उससे पहले वोटरों को लुभाने के लिए सरकार ऐसा कर सकती है। दूसरा कारण है कि फरवरी 2019 में सरकार को अंतरिम बजट पेश करना होगा। यह कुछ महीनों के लिए होगा। तब टैक्स स्लैब में बदलाव मुनासिब नहीं होगा। इसमें सिर्फ अनुदान की बातें होंगी।




5 लाख छूट का भी दिया था प्रस्ताव

यूपीए सरकार के समय पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के नेतृत्व वाली कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का सुझाव दिया था। तब बीजेपी ने इसका समर्थन किया था।
I-T छूट 3 लाख करने का प्रस्ताव

Category: Income Tax, News

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