RPF को मिलेगा चोरी की जांच का जिम्मा!

| December 17, 2017

सरकार को प्रस्ताव, रेलवे स्टेशन पर महिलाओं से छेड़खानी की जांच भी आरपीएफ को सौंपे

अगर सरकार ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया तो ट्रेन में चोरी की घटनाओं की न सिर्फ रिपोर्ट दर्ज कराना आसान हो जाएगा, बल्कि आरोपियों को भी आसानी से पकड़ा जा सकेगा। दरअसल, आरपीएफ ने प्रस्ताव दिया है कि रेलवे ऐक्ट में संशोधन कर ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर होने वाली चोरी की घटनाओं को आरपीएफ के दायरे में लाया जाए। यही नहीं, रेलवे स्टेशन में महिला यात्रियों से छेड़खानी और दुव्यर्वहार की घटनाओं की जांच का दायित्व भी आरपीएफ को सौंपने का प्रस्ताव दिया गया है, ताकि इन घटनाओं की शिकायत पर फौरन ऐक्शन लेते हुए आरोपियों को पकड़ा जा सके।








जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज करने का झंझट होगा खत्म : आरपीएफ ने रेल मंत्रालय के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया है। अगर संसद इसे मंजूरी देती है तो ऐसी स्थिति में अगर किसी पैसेंजर का सामान चोरी होता है तो अगले स्टेशन पर रुककर जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज करने का झंझट खत्म हो जाएगा और रेलवे सुरक्षा बल खुद ही उसकी रिपोर्ट दर्ज करके जांच-पड़ताल कर सकेगा। इसके लिए रेलवे ऐक्ट में संशोधन करना पड़ेगा। आरपीएफ के सीनियर अधिकारी के मुताबिक, प्रस्ताव तैयार कर पहले रेल मंत्रालय की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।




रेलवे ऐक्ट के दो सेक्शन में बदलाव का प्रस्ताव : दरअसल, अभी रेलवे सुरक्षा बल के पास सिर्फ रेलवे की संपत्तियों की सुरक्षा का दायित्व है और वह लगभग 3000 ट्रेनों में सेवारत है। अभी आरपीएफ को सिर्फ रेलवे स्टेशन पर होने वाली छोटी-मोटी वारदात पर ही ऐक्शन लेने का अधिकार है, जिनसे रेल संचालन बाधित होता हो या फिर रेलवे ऐक्ट के दायरे में आने वाले गंदगी फैलाने या फिर रेलवे की संपत्ति की चोरी आदि के 29 मामले शामिल हैं। अगर इसका दायरा बढ़ता है तो रेलवे ऐक्ट के सेक्शन 153-ए और 145-ए में संशोधन करना होगा। इससे पैसिंजरों के सामान की चोरी और महिला यात्रियों की सुरक्षा को आरपीएफ के दायरे में लाया जा सकेगा। इनमें से 153-ए के तहत यात्रियों के सामान चोरी से जुड़ी वारदातों के मामले में आरपीएफ न सिर्फ एफआईआर दर्ज कर सकेगा, बल्कि जांच भी कर सकेगा। महिलाओं से छेड़खानी से जुड़े मामलों के लिए रेलवे ऐक्ट के सेक्शन 145-ए में संशोधन का प्रस्ताव है। आरपीएफ पूरे देश में है और इसके 76 हजार सुरक्षाकर्मी हैं, जबकि जीआरपी में लगभग 35,000 जवान हैं।




ट्रेनों में होने वाले अपराध को रोकने के लिए रेलवे ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विचार कर रहा है। साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए इंटरनेट सुविधा की भी व्यवस्था करने पर चर्चा चल रही है। शनिवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा, ‘देशभर की ट्रेनों में सीसीटीवी लगाने को लेकर चर्चा जारी है। ऐसा होने से ट्रेनों में होने वाले अपराध को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
अगर यही अधिकार आरपीएफ को मिलता है तो उसका दायरा पूरा रेल नेटवर्क है। ऐसे में एक तो थाने की सीमाओं का झंझट नहीं होगा। दूसरा, आरपीएफ के जवान जब ट्रेन में होंगे तो उनके पास ही चोरी की रिपोर्ट का अधिकार होगा। ऐसे में वे चलती ट्रेन में रिपोर्ट दर्ज कर सकेंगे। यही नहीं, आरपीएफ इसकी जांच भी कर सकेगा। चूंकि उसका नेटवर्क पूरे देश में है, इसलिए ट्रेन कहीं भी हो, उसके लिए थानों की बाधाएं नहीं होंगी।

Category: Indian Railways, News

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