भ्रष्टाचार व दु‌र्व्यवहार को लेकर हुई शिकायत पर सख्त कार्रवाई करते हुए रेल प्रशासन ने मुरादाबाद मंडल के मंडल वाणिज्य प्रबंधक (डीसीएम) जेएन मीणा को निलंबित कर दिया है। वहीं, मीणा के खिलाफ शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने की वजह से उत्तर रेलवे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (सीसीएम) डीके मिश्रा को भी उनके पद से हटा दिया गया है।








बताते हैं कि डीसीएम पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) के साथ फोन पर नशे में दु‌र्व्यवहार करने और धमकी देने का भी आरोप है। उन दोनों की बातचीत का ऑडियो क्लिप रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी के पास भेजकर डीसीएम की शिकायत की गई थी। शिकायत में मीणा पर ड्यूटी के दौरान शराब पीने और नियमित रूप से कार्यालय नहीं पहुंचने का भी आरोप लगाया गया है। यह भी शिकायत है कि मुरादाबाद के मंडल रेल प्रबंधक और उत्तर रेलवे के सीसीएम से शिकायत करने के बावजूद आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।




शिकायत मिलने के बाद लोहानी ने अधिकारियों से इसकी आंतरिक जांच कराई और प्रथम दृष्टया इसे सही पाने पर सख्त कार्रवाई के आदेश दे दिए। इसके बाद बृहस्पतिवार को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने मीणा को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही डीके मिश्रा की जगह मणि आनंद को उत्तर रेलवे का नया सीसीएम बनाया गया है।




अधिकारियों का कहना है कि रेलवे बोर्ड का चेयरमैन बनने के बाद लोहानी ने पहली बार भ्रष्टाचार की शिकायत पर इतना सख्त कदम उठाया है। इससे रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि कुछ अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी शिकायत की जांच की जा रही है। संभव है कि कुछ अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए।

Source:- DJ