In this way you can save Income Tax this year

| December 17, 2017

इनकम टैक्स 80सी के तहत तीन तरह से इनकम टैक्स बचा सकते हैं। इनमें से एक है मार्केट लिंक्स योजनाओं में निवेश:
मार्केट इन्वेस्टमेंट कर बचा सकते हैं टैक्स
कई ऐसे खर्चे हैं जिन पर इनकम टैक्स में छूट है। सबसे पहले इनके बारे में सोचें। मिसाल के तौर पर: ये खर्च हैं फायदेमंद,  कुछ और इन्वेस्टमेंट

लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम: जीवन बीमा पॉलिसी के लिए साल भर में जो भी प्रीमियम चुकाते हैं, उसे अपनी कुल टैक्सेबल इनकम से घटा सकते हैं। टैक्स में छूट के लिए प्रीमियम की रकम कुल बीमा राशि (सम एंश्योर्ड) के 20 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

• इंफ्रा बॉन्ड्स : इंफ्रा बॉन्ड्स के जरिए दरअसल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश किया जाता है। इनकम टैक्स नियम के सेक्शन 80 सी के तहत इसमें निवेश कर आप कुछ टैक्स बचा सकते हैं।








• सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम : सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के भारतीय नागरिकों के लिए होती है। यह पांच साल की डिपॉजिट स्कीम है, जिसमें हर तीन महीने पर ब्याज मिलता है। फिलहाल इस पर इंटरेस्ट रेट 8.3 फीसदी है। इसमें अकेले या जाइंट होल्डर के साथ मिलकर ज्यादा-से-ज्यादा 15 लाख रुपये तक इन्वेस्ट किया जा सकता है। मैच्योरिटी पर SCSS अकाउंट को तीन साल के लिए एक्सटेंड किया जा सकता है।

• एनएससी (NSC): यदि आप टैक्स बचत के साथ सुरक्षित और तयशुदा रिटर्न चाहते हैं तो नैशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) में निवेश बेहतर विकल्प हो सकता है। आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत एनएससी में इन्वेस्टमेंट पर आय से 1 लाख रुपये तक की छूट पाई जा सकती है। एनएससी पर मिला ब्याज हर बरस आय में शामिल किया जाता है। चूंकि पहले 5 साल का ब्याज मैच्योरिटी पर दिया जाता है, ऐसे में उसे संबंधित वर्ष में रिइन्वेस्टमेंट मानकर उस पर भी धारा 80सी के तहत छूट मिल जाती है।• नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS): आईटी ऐक्ट के सेक्शन 80सी के तहत आप एनपीएस में 1.50 लाख रुपये तक का इनवेस्टमेंट हर साल कर सकते हैं। वहीं सेक्शन 80सीसीडी(1बी) के तहत 50,000 रुपये का अतिरिक्त




निवेश कर सकते हैं। लिहाजा एनपीएस में आप कुल 2 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स में छूट के हकदार हैं।• नाबार्ड बॉन्ड (NABARD Bonds): नाबार्ड लंबी अवधि के लिए जीरो कूपन बॉण्ड जारी करता है। यह 10 साल के लिए होता है।• EPF: आपकी सैलरी से हर महीने प्रॉविडेंट फंड के लिए कटने वाला पैसा भी इनकम टैक्स अधिनियम के सेक्शन 80सी के तहत आपको टैक्स में छूट का हकदार है।
इनकम टैक्स ऐक्ट के सेक्शन 80सी के तहत कुछ खास जगहों पर निवेश करने पर इनकम टैक्स में छूट दी जाती है। इनका फायदा अच्छी प्लानिंग करके उठाया जा सकता है।
टैक्स बचाने वाले इन्वेस्टमेंट
कम हो जाएगा

इनकम टैक्स• बच्चों की ट्यूशन फीस: अपने अधिकतम दो बच्चों की पढ़ाई के खर्च पर आप छूट ले सकते हैं, बच्चों की उम्र कुछ भी हो सकती है। अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये है। हां, उनकी एजुकेशन फुलटाइम होनी चाहिए। प्राइवेट ट्यूशन या कोचिंग आदि में दी गई फीस इसमें नहीं चलेगी। साथ ही, किताबों पर होने वाले खर्च, दाखिले के वक्त दिया गया डोनेशन, कैपिटेशन फीस, एडमिशन फीस, एनुअल चार्जेज, डिवेलपमेंट चार्ज आदि भी इसमें शामिल नहीं कर सकते।• SSY: सुकन्या समृद्धि योजना के तहत यदि आप अपनी 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर इनवेस्टमेंट करते हैं तो 80सी के तहत 1.50 लाख रुपये तक के निवेश पर छूट ले सकते हैं। इस स्कीम के तहत अधिकतम 2 बेटियों के लिए खाता खुलवा सकते हैं। 21 साल बाद यह खाता बंद हो जाएगा। फिलहाल इसमें इन्वेस्ट करने पर 8.3 फीसदी का ब्याज मिलता है।




• ULIP: यूलिप दरअसल एक में दो प्लान की तरह है। इसमें इनवेस्ट की गई रकम को इक्विटी और इंश्योरेंस प्लान दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यानी इन्वेस्टमेंट की रकम के एक हिस्से को बीमा के लिए तो दूसरे को इक्विटी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह सेक्शन 80सी के तहत टैक्स में छूट का भी हकदार है।

• PPF: लंबे समय के लिए इन्वेस्ट करने वालों के लिए पीपीएफ सबसे अच्छा है। यह 15 साल की योजना है, लेकिन जरूरत पड़ने पर छह साल बाद पैसा निकाला जा सकता है। इसके जरिए एक साल में अधिकतम 70 हजार रुपये की रकम जमा कराई जा सकती है। इससे मिले ब्याज पर टैक्स नहीं लगता।

• ELSS: टैक्स में छूट पाने का यह एक बेहद आसान तरीका है। दरअसल, यह एक प्रकार का डाइवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड है, जिसे इनकम टैक्स कानून के तहत टैक्स में छूट के लिए खरीदा जाता है। इसकी अहम बात यह है कि आप टैक्स बचाने के साथ-साथ इसमें निवेश किए गए पैसे में बढ़ोतरी के भी हकदार हैं। यह स्कीम तीन साल के लॉक-इन पीरियड के साथ उपलब्ध है।• होम लोन का रीपेमेंट (सिर्फ प्रिंसिपल): हाउसिंग लोन के रीपेमेंट में प्रिंसिपल अमाउंट के तौर पर साल भर में अदा की जा रही रकम को भी आप अपनी टैक्सेबल इनकम से घटा सकते हैं।

नौकरी पेशा लोगों से 10-20 दिनों के अंदर यह पूछा जाएगा कि इस फाइनैंशल इयर 2017-18 में उन्होंने इनकम टैक्स बचाने के लिए असल में क्या-क्या निवेश किया है। प्रफेशनल और कारोबारियों को भी इस समय टैक्स प्लानिंग कर लेनी चाहिए। आइए जानें कि किन-किन तरीकों से बचाया जा सकता है इनकम टैक्स :

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Category: Income Tax, News

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