रेलवे इंजिनियर्स ने की राजपत्रित दर्जे की मांग, सातवें वेतन आयोग की विसंगति दूर न होने पर नाराजगी

| December 16, 2017

रेलवे बोर्ड ने अभी तक इन संस्तुतियों को लागू करने की जहमत नहीं उठाई है। 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों एवं ग्रुप-बी की मांग को अभी तक पूरी न होने से इंजिनियरों में काफी नाराजगी है।









अखिल भारतीय रेल अभियंता महासंघ के आह्वान पर शुक्रवार को पूर्वोत्तर रेलवे इंजिनियर्स असोसिएशन ने राजपत्रित दर्जे सहित कई मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। डीआरएम दफ्तर पर हुए इस प्रदर्शन में इंजिनियर्स ने जस्टिस सीकरी कमिटी की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की। वहीं, दूसरी ओर उन्होंने मांगों की अनदेखी करने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।

पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम कार्यालय पर आयोजित सभा में असोसिएशन के अध्यक्ष जेड(यू) सिद्दीकी ने कहा कि इंजिनियरों को मजदूर यूनियन से अलग रखने के बारे में कि जस्टिस खन्ना, जस्टिस वान्छु व जस्टिस सीकरी कमिटी की रिपोर्ट लागू की जानी चाहिए।




धरने में एनईआर के दर्जनों सीनियर सेक्शन इंजिनियर और जूनियर इंजिनियर शामिल रहे। उन्होंने यह भी कहा कि डीओपीटी के नियमों के मुताबिक केंद्रीय विभागों के समकक्ष रेलवे इंजिनियरों को ग्रुप-बी राजपत्रित का दर्जा मिलना

चाहिए। वहीं, कई इंजिनियरों ने चेतावनी दी कि जब तक मंत्रालय उनकी मांगो को स्वीकार नहीं करेगा तब तक उनका संघर्ष चलता रहेगा।
रेलवे इंजिनियर्स ने की राजपत्रित दर्जे की मांग




चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती शुरू की जाएएनबीटी, लखनऊ: उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ ने चतुर्थ श्रेणी भर्ती की मांग की है। संघ के प्रदेश महामंत्री सुरेश सिंह यादव ने कहा कि लगभग तीन लाख चतुर्थ श्रेणी के पद खाली हैं। उन्होंने आउटसोर्सिंग का भी विरोध किया और पुरानी पेंशन बहाली की मांग रखी। उन्होंने कहा कि अगर विभागों के विलय का प्रयास किया गया तो संघ उसका भी विरोध करेगा।

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Category: Indian Railways, News

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