ग्राहकों को समय से पहले 5जी का तोहफा मिलेगा

| December 13, 2017

देश में पांचवीं पीढ़ी की नेटवर्क सेवा के लिए सात से दस साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार 2020 की शुरुआत में 5जी नेटवर्क लाने की रणनीति तैयार कर रही है। सरकार के निर्देश पर गठित समूह बुधवार को इस पर अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करेगा। समूह भारत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 5जी सेवा शुरू करने और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर भी अपनी नीति का खुलासा करेगा। समूह में उद्योग, सरकार और अकादमिक जगत के विशेषज्ञ शामिल हैं।








भारती एयरटेल के मुख्य कार्यकारी गोपाल विट्टल, रिलायंस जियो के एमडी संजय मशरूवाला और इंटरनेट की दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधि भी इस 22 सदस्यीय पैनल में शामिल हैं। समूह की अध्यक्ष दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन हैं। समूह ने देश में 5जी तकनीक लांच करने और इसका रोडमैप तैयार करने का सितंबर में शुरू किया था। मार्गन स्टेनली का कहना है कि हम 5जी नेटवर्क के विकास के साथ नियामक ढांचे की भी तैयारी कर रहे हैं। इससे सरकार के लिए 3300-3400, 3400-3600 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी भी आसान होगी, जो 5जी नेटवर्क के लिए ज्यादा उपयुक्त है।



5जी अगली पीढ़ी की वायरलेस तकनीक है। 10 जीबी प्रति सेकेंड की तेज स्पीड के साथ इसमें ज्यादा ले जाने की क्षमता होती है। यह अरबों उपकरणों को जोड़ने की ताकत रखती है।

5जी से डाटा नेटवर्क ट्रांसमिशन की लागत में 90 फीसदी तक कमी आएगी। 4जी नेटवर्क की तुलना में यह दस फीसदी लागत पर डाटा पैकेट का ट्रांसमिशन करता है।

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5जी नेटवर्क के परीक्षण में दुनिया की पांच दिग्गज कंपनियां जुटी हुई हैं। इसमें एरिक्सन एबी, ऑरेंज एसए, वेरीजान कम्यूनिकेशन, गूगल और सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स हैं।

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Source:- Hindustan

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