नए साल में बढ़िया वेतन वृद्धि की जगी उम्मीद

| December 11, 2017

नए साल में बढ़िया वेतन वृद्धि की जगी उम्मीद

एसोचैम ने कहा है कि सरकार को बजट में कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि खरीफ फसलों के उत्पादन में भारी गिरावट से चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कृषि क्षेत्र की वृद्धि कम हो गई है। उसने कहा कि दूसरी तिमाही में कृषि क्षेत्र के मूल्यवर्धन की वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष के 4.1 प्रतिशत की तुलना में कम होकर 1.7% पर आ गई है।








रोजगार क्षेत्र के लिए वर्ष 2017 चुनौतीपूर्ण रहने के बाद अब 2018 में योग्य प्रतिभाओं को 10 से 15 प्रतिशत तक की वेतनवृद्धि मिल सकती है।नोटबंदी के बाद कपड़ा और दूसरे परंपरागत क्षेत्रों में छंटनी से रोजगार बाजार काफी चुनौतीपूर्ण बन गया था। रोजगार संबंधी सलाह सेवा देने वाली कंपनी मैनपावर ग्रुप के भारतीय आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में यह बात कही गई है।




मौजूदा साल के दौरान नोटबंदी के कारण कपड़ा उद्योग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों तथा कृत्रिम इंटेलीजेंस के कारण अत्याधुनिक क्षेत्रों में चुनौतियां सामने आई।इन कारणों से रोजगार उद्योग के लिए यह साल मुश्किलों भरा रहा। रिपोर्ट के अनुसार, देश में रोजगार प्रदाताओं द्वारा नियुक्तियों में भी 2018 में सुधार जारी रहेगा। इस साल की अंतिम तिमाही में पहली तीन तिमाही की मंदी के बाद रोजगार नियुक्तियों में सुधार आया है। कंपनी के सर्वेक्षण में कहा गया है कि इस साल जनवरी-मार्च तिमाही में नियोक्ताओं की रोजगार देने की योजना में 22 प्रतिशत गिरावट रही जो कि अप्रैल-जून में और 19 प्रतिशत घट गई। इसके बाद जुलाई- सितंबर तिमाही में रोजगार के अवसर 16 प्रतिशत घटे लेकिन अक्टूबर-दिसम्बर तिमाही में रोजगार देने की नियोक्ताओं की योजना में 24 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया।




विशेषज्ञों को उम्मीद है कि 2018 में नियुक्तियों में सुधार जारी रहेगा। मोबाइल विनिर्माण, वित्तीय प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप्स सहित अन्य क्षेत्रों में नियुक्तियां बढ़ेंगी। इसके साथ ही वेतन वृद्धि भी 2017 में जहां 8- 10 प्रतिशत रही वह 2018 में 10- 15 प्रतिशत तक रहेगी।आकलनों के अनुसार, 2017 में महज 20 प्रतिशत कंपनियों ने नयी नियुक्तियां की और 60 प्रतिशत कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या बरकरार रखा।

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Category: Indian Railways, News

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