एप के सहारे रेलकर्मी देख सकेंगे सर्विस बुक

| December 2, 2017

रेलवे ने अपने कर्मचारियों के लिए अनूठी पहल की है। सीनियर डीपीओ उज्‍जवल आनंद की टीम ने भारतीय रेलवे में पहली बार सर्विस बुक को सभी के लिए सुलभ बनाने का बीड़ा उठाया है। रेलकर्मी मोबाइल पर कार्मिक दिशा नामक एप डाउनलोड कर पलक झपकते अपनी सर्विस बुक देख पाएंगे। सीआरबी अश्विनी लोहानी ने बुधवार को डीआरएम कार्यालय में इस एप का उद्घाटन किया।डीआरएम मनोज कृष्ण अखौरी और सीनियर डीपीओ उज्जवल आनंद ने जब सीआरबी को एप की विशेषताएं बताईं तो सीआरबी के मुख से निकल पड़ा ‘वेलडन’। पिछले साल धनबाद डिवीजन ने विभिन्न स्टेशनों पर जाकर कर्मचारी दर्शन शिविर का आयोजन किया था।








इस आयोजन की भी पूर्व चेयरमैन ने तारीफ की थी और इसे दूसरे मंडलों में करने का आदेश दिया था। इस साल शिविर के आयोजन को डिजिटल रूप दिया गया है। इसी के मद्देनजर दिशा (डिजीटल इनिसिएटिव फॉर सटिशफेक्शन ऑफ ह्यूमन एसेट) एप बनाया गया है। इस एप पर सर्विस बुक, प्रमोशन की जानकारी, रिटायमेंट की जानकारी, सेवा से संबंधित अन्य जानकारियां उपलब्ध हैं।




कर्मी जान पाएंगे कि उनके सेवाकाल में कब उन पर विभागीय कार्रवाई की गई है। प्रमोशन, पास और पीटीओ के अलावा अन्य सुविधाओं की जानकारी भी एप के माध्यम से कर्मियों को दी जाएगी। एप पर विभागीय परीक्षा और अनुकंपा आधारित परीक्षा का पूरा पाठ्यक्रम और क्वेस्चन बैंक (प्रश्न) भी उपलब्ध है। अभी तक इसे गोपनीय रखा जाता था। कार्मिक विभाग ने कर्मियों से अपील की है कि वे एप पर अपनी सर्विस बुक देखें और त्रुटियों के संबंध में विभाग को जानकारी दें। सीआरबी धनबाद डिवीजन के इस पहल के कायल हो गए।




सीआरबी अश्विनी लोहानी ने कहा कि हावड़ा-नई दिल्ली रेलवे लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी। इस लाइन पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पटरी और ओएचई को तैयार किया जा रहा है। पत्रकारों से बातचीत के बाद सीआरबी धनबाद स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे। इसके बाद सुबह पौने 11 बजे स्पेशल ट्रेन से वे पतरातु के लिए रवाना हुए। सीआरबी ने बताया कि टोरी-शिवपुर के बीच मगध और आम्रपाली साइ¨डग बन कर तैयार है। दोनों साइ¨डगों से करीब 78 मिलियन टन कोयला लो¨डग का लक्ष्य है। इसमें से आधी लो¨डग रेलवे के माध्यम से होनी है। टोरी से बालूमाथ के बीच 28 किलोमीटर लाइन लगभग बन कर तैयार हो गया है। जून 2018 तक बाकी 16 किलोमीटर रेलवे लाइन बन जाएगा। चेयरमैन ने धनबाद स्टेशन का निरीक्षण किया। डीआरएम ने चेयरमैन को दक्षिणी छोर पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज का मैप दिखाया। इसके बाद चेयरमैन डीआरएम के साथ ¨वडो ट्रेलिंग (पटरी का निरीक्षण) करते हुए पतरातु के लिए रवाना हो गए। अश्विनी लोहानी अपने करियर के शुरुआत में धनबाद रेल मंडल के पतरातू में सेवा दे चुके हैं। इंडियन रेलवे मैकेनिकल सर्विसेज के अधिकारी लोहानी पतरातू शेड में सीनियर डीएमई थे। गोमो में चेयरमैन ने जल्द ही रलवे ओवरब्रिज बनाने का आश्वासन दिया। कईट्रैनों की रुकने की भी बात कही।

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Category: Indian Railways, News

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