रेलवे इसरो की मदद से दुर्घटनाएं रोकेगा

| December 2, 2017

कोहरे व खराब मौसम में भी आसानी से चल सकेंगी ट्रेन, रेलवे इसरो की मदद से दुर्घटनाएं रोकेगा, दिल्ली-मुंबई रूट पर जीपीएस से ट्रेन चलाने का प्रयोग शुरू

ट्रेन हादसों को टालने और कोहरे के मौसम में भी ट्रेन चलाने के लिए रेलवे ने स्पेस तकनीक की मदद लेने की तैयारी की है। इसके तहत दिल्ली-मुंबई रूट पर इसरो द्वारा विकसित ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) ‘नाविक’ से ट्रेन परिचालन का प्रयोग शुरू कर दिया गया है। यह प्रयोग सफल रहता है तो दूसरे मार्गो पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।








यह तकनीक रेलवे क्रासिंग पर रेल हादसे रोकने और ट्रेनों का रियल टाइम बताने में सहायक होगी। रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि ट्रेन परिचालन को सुरक्षित व तेज बनाने के लिए रेलवे और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के बीच करार पहले ही किया जा चुका है ।




इसके तहत रेलवे के मार्गो पर रिमोट सेंसिंग व जियोग्राफिक इनफॉर्मेशन सिस्टम तकनीक की मदद ली जाएगी। रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात मोहम्मद जमशेद ने बताया कि अंतरिक्ष आधारित जीपीएस से ट्रेनों की सटीक जानकारी मिल रही है। दिल्ली-मुंबई रूट पर प्रयोग सफल होने के बाद सभी 10,000 इंजनों में जीपीएस लगाने का काम शुरू हो जाएगा।




इस तकनीक से मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर होने वाले हादसे कम होंगे। इसके अलावा इस तकनीक से यात्रियों को ट्रेनों के आवागमन की सटीक जानकारी मिलेगी।मोहम्मद जमशेद ने बताया कि इसरो की तकनीक सक्षम व किफायती है। वर्तमान में देश के सुदूर व पहाड़ी क्षेत्रों में रेलवे पैसेंजर सिस्टम (पीआरएस) की कनेक्टिविटी बनाने के लिए अंतरिक्ष तकनीक की मदद ली जा रही है। रेल हादसा होने पर अधिकारी, कर्मचारी, ड्राइवर, गार्ड, स्टेशन मास्टर आदि सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल करते हैं। राजधानी-शताब्दी ट्रेनों में वाई-फाई व मुंबई उपनगरीय सेवा (लोकल ट्रेन) संचालित करने में भी अंतरिक्ष तकनीक की मदद ली जा रही है। इस तकनीक की मदद से स्टेशन पर होने वाली किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को पकड़ना भी आसान होगा।

isro st

Category: Indian Railways, News

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