लंबे समय से जमे रेलवे के विजिलेंस इंस्पेक्टर हटेंगे

| December 1, 2017

खौफ में नहीं, खुलकर काम करने के लिए नियमों की समीक्षा

खौफ में नहीं, बल्कि खुलकर काम करने को बढ़ावा देने लिए रेलवे ने विजिलेंस के नियमों की समीक्षा की है। जरूरत, मौका और कार्य के अनुसार नियमों का सरलीकरण किया गया है ताकि बिना वहज रेलवे का कार्य प्रभावित न हो। इसके लिए रेलवे के विभागाध्यक्षों की बड़ी भूमिका होगी। विजिलेंस विभाग की संस्तुति के बावजूद दंड की समीक्षा विभागाध्यक्ष तय करेंगे। इतना ही नहीं, लंबे समय से रेलवे के विजिलेंस इंस्पेक्टर पद पर तैनात कर्मचारी हटेंगे और उनकी जगह नए रेलकर्मियों को मौका मिलेगा। रेलवे में बोर्ड स्तर से लेकर जोनल स्तर तक विजिलेंस का विभाग स्थापित है।








यह अक्सर सुनने में भी मिलता है कि विजिलेंस इंस्पेक्टर का खौफ कर्मचारियों में रहता है। लिहाजा वे विजिलेंस विभाग की दिशानिर्देशों के मुताबिक ही काम करते हैं और मौके की जरूरत के मुताबिक अपने विवेक का प्रयोग नहीं करते हैं। ऐसे में रेलवे के तमाम काम प्रभावित हो जाते हैं और कई बार कर्मचारियों और अधिकारियों को अपने विवेक का इस्तेमाल करने पर अनावश्यक मामलों में फंसना भी पड़ता है। लिहाजा ऐसे तमाम तरह के मामलों की रेलवे बोर्ड में समीक्षा की गई है।




इसके बाद नियमों को अनुकूल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक रेल परियोजनाओं के मामलों और अन्य नीतिगत निर्णयों के मामलों में रेलवे के संबंधित विभागों के प्रमुखों को जिम्मेदार बनाया गया है। विजिलेंस विभाग के इंस्पेक्टरों की ओर से बनाये मामलों की जांच और संस्तुति विजिलेंस विभाग द्वारा किये जाने के बाद उसकी समीक्षा विभागाध्यक्ष द्वारा भी की जाएगी। इसके बाद दंड के बारे में निर्णय लिया जाएगा। अभी तक यह होता था कि जैसे कोई विजिलेंस केस होता था।




संबंधित कर्मचारी और अधिकारी को उस पद से हटा दिया जाता था और उसकी संवेदनशील पदों पर तैनाती नहीं की जाती थी। अब ऐसे तमाम मामलों में विभाग प्रमुखों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। विजिलेंस विभाग का अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप कम होगा। अभी तक यदि किसी अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कोई विजिलेंस केस चल रहा है तो उसे विदेश में प्रशिक्षण पर नहीं भेजा जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उसे प्रशिक्षण पर भेजा जाएगा जब विजिलेंस विभाग की जांच रिपोर्ट आएगी तब आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इसी क्रम में चार वर्ष से अधिक समय तक विजिलेंस इंस्पेक्टर के पद पर तैनात कर्मचारियों को हटाया जाएगा और उन्हें अपने मूल विभाग में भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि इन तमाम बदलाव के बाद रेल की कार्यपण्राली बेहतर होगी।

vigilance st

Category: Indian Railways, News

About the Author ()

Comments are closed.