अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे टीटीई दूर होगी रेल यात्रियों की परेशानी

| November 27, 2017

सफर के दौरान ट्रेन में सवार टिकट जांच दस्ता अब हर समय अपने अधिकारियों के संपर्क में रहेगा। इससे यात्रियों की परेशानी हल करने के साथ ही सुरक्षित रेल परिचालन में भी मदद मिलेगी। इसके लिए रेल प्रशासन ने टिकट एक्जामिनर (टीटीई) को सीयूजी (क्लोज यूजर ग्रुप) नंबर देने का फैसला किया है। इस पर अमल की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। टिकट जांच करने वाले कर्मचारियों के व्यवहार पर रेलवे की छवि निर्भर होती है, क्योंकि टिकट की जांच के साथ ही सफर के दौरान यात्रियों को आने वाली परेशानी को दूर करना भी इनकी जिम्मेदारी है। इसलिए सफर के दौरान यात्री को सुरक्षा को लेकर कोई परेशानी होती है या खानपान को लेकर शिकायत या फिर किसी और तरह की मदद की दरकार होती है तो वह ट्रेन में तैनात टीटीई के पास जाता है।








उसकी अपेक्षा रहती है टीटीई उसकी शिकायत को दूर करेगा। अधिकारियों का कहना है कि कई शिकायतें दूर करने के लिए टीटीई को अन्य अधिकारियों से संपर्क करना होता है, इसमें कई बार परेशानी होती है। टिकट चेकिंग स्टाफ को सीयूजी नंबर उपलब्ध नहीं होने से संवाद प्रेषित करने में दिक्कत होती है। कई बार अधिकारी अनजान नंबर से आई कॉल रिसीव नहीं करते हैं। यदि वह रिसीव करते हैं तो कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान को लेकर उन्हें संदेह रहता है। इसका खामियाजा रेल यात्रियों को भुगतना पड़ता है। सुरक्षित रेल परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी टीटीई की अहम भूमिका होती है।




वह ट्रेन में किसी तरह की खराबी की त्वरित जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर दुर्घटना को रोक सकता है। इसी तरह से ट्रेन में चोरी या अन्य अपराध की जानकारी देने के लिए उसे सुरक्षा बलों से संपर्क करना पड़ता है। इसके लिए उसे अन्य रेलकर्मियों की तरह सीयूजी नंबर उपलब्ध कराना जरूरी है। इससे अधिकारियों से संपर्क करने में मदद मिलेगी। यदि सफर के दौरान किसी यात्री की तबीयत खराब हो जाती है तो अगले स्टेशन पर उसे बेहतर उपचार दिलाने में भी आसानी होगी।

उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में रेलवे बोर्ड से निर्देश प्राप्त हो गया है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में टीटीई को यह सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : नई दिल्ली स्टेशन पर कोई ट्रेन बेपटरी नहीं हो, इसके लिए पटरियों को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। इसी कड़ी में वॉशेबल एप्रन (ट्रैक पर गिट्टी की जगह कंक्रीट का फर्श) बदलने का काम शुरू किया गया है। इस कारण सात जनवरी तक इस प्लेटफॉर्म से ट्रेनों का परिचालन नहीं होगा। मरम्मत कार्य की वजह से यात्रियों को भी परेशानी उठानी होगी क्योंकि नई दिल्ली-लखनऊ गोमती एक्सप्रेस (12419/12420) और नई दिल्ली-आगरा छावनी इंटरसिटी एक्सप्रेस (14212/14211) सहित कई लोकल ट्रेनें रद रहेंगी।1अगस्त से अक्टूबर के बीच रांची राजधानी, जम्मू राजधानी सहित पांच ट्रेनें नई दिल्ली स्टेशन और इसके नजदीक दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी हैं। इससे चिंतित रेल प्रशासन ने नई दिल्ली स्टेशन पर संरक्षा कार्य शुरू किया है।




पटरियों को बदलने के साथ ही अन्य खामियां दूर की जा रही हैं। दिवाली से पहले प्लेटफॉर्म नंबर तीन और पांच पर यह काम किया गया था। अब प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पटरियों को बदलने का काम किया जा रहा है। मंगलौर-श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा नवयुग एक्सप्रेस, जबलपुर-श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा एक्प्रेस, चेन्नई सेंट्रल -श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा अंडमान एक्सप्रेस, कोटा-श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस और अहमदाबाद-नई दिल्ली एक्सप्रेस अलग-अलग स्टेशनों पर कुछ देर रुककर चलेंगी।1निरस्त की गईं लोकल ट्रेनें : पानीपत-नई दिल्ली महिला स्पेशल (64470/64469), पलवल-नई दिल्ली महिला स्पेशल (64491/64492), रोहतक-नई दिल्ली एमईएमयू (64912/64911), हजरत निजामुद्दीन-नई दिल्ली ईएमयू (64087), नई दिल्ली-शकूरबस्ती ईएमयू (64097), गाजि़याबाद-नई दिल्ली ईएमयू (64427), नई दिल्ली-पलवल ईएमयू (64080 और 64082), शकूरबस्ती-नई दिल्ली ईएमयू (64018) 1गंतव्य से पहले समाप्त होने वाली ट्रेनें: जबलपुर-नई दिल्ली सुपरफास्ट (12192) हजरत निजामुद्दीन पर समाप्त हो जाएगी। वापसी में भी 12191 नंबर की ट्रेन इसी स्टेशन से रवाना होगी। पलवल-शकूरबस्ती ईएमयू (64015) हजरत निजामुद्दीन तक चलेगी। वहीं, शकूरबस्ती-मथुरा ईएमयू (64910) हजरत निजामुद्दीन से चलेगी।

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Category: Indian Railways, News

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