मेक इन इंडिया की शर्त के साथ दौड़ेगी टेल्गो ट्रेन

| November 24, 2017

सेमी हाई स्पीड ट्रेन में सफर का इंतजार कर रहे रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। मेक-इन-इंडिया की शर्त मानने पर स्पेन की सेमी हाई स्पीड टेल्गो ट्रेन को देश में दौड़ने की इजाजत मिल सकती है। टेल्गो कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने गुरुवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की है। गोयल के साकारात्मक रुख को देखते हुए कंपनी जल्द ही रेलवे बोर्ड को विस्तृत प्रस्ताव पेश करेगी।टेल्गो कंपनी के सूत्रों का कहना है कि बैठक में रेल मंत्री ने टेल्गो ट्रेन परियोजना को लेकर दिलचस्पी दिखाई है।








गोयल ने संकेत दिए हैं कि यदि कंपनी मेक-इन-इंडिया के तहत टेल्गो ट्रेन को चलाना चाहती है तो इस पर विचार किया जाएगा। इसमें कंपनी को भारत में कोच फैक्ट्री स्थापित करनी होगी। इसके साथ ही टेल्गो की टिलटेड तकनीक, कोच निर्माण, रख रखाव, मरम्मत, रेल कर्मियों का प्रशिक्षण आदि शामिल होगा। रेल मंत्री के प्रस्ताव पर टेल्गो कंपनी के अधिकारी सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं। कंपनी मेक-इन-इंडिया के तहत टेल्गो ट्रेन संबंधी प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के समक्ष पेश करेंगे।




इसके पश्चात टेल्गो ट्रेन के देश में दौड़ने का रास्ता साफ हो जाएगा। विदित हो कि दिल्ली-मुंबई के बीच टेल्गो ट्रेन का सफल परीक्षण पहले ही किया जा चुका है। सूत्रों ने बताया कि टेल्गो कंपनी अब मेक-इन-इंडिया के तहत नए डिजाइन के कोच बनाएगी। जिससे रेलवे बोर्ड की ओर उठाए गए सवालों का समाधान हो जाएगा। टेल्गो की टिलटेड (कोच के झुकने की तकनीक) तकनीक विश्व में केवल स्पेन की कंपनी टेल्गो के पास ही है।




रेलवे बोर्ड ने अगस्त 2016 को टेल्गो ट्रेन को लाल झंडी दिखा दी थी। बोर्ड का तर्क था कि टेल्गो के कोच का प्लोर काफी नीचे है। जिससे प्लेटफार्म व ट्रेन में गैप रहता है, इससे रेल यात्रियों को खतरा है। टेल्गो कोच की चौड़ाई व लंबाई काफी कम है। कोच में चेयरकार हैं इसमें एक्जीक्यूटिव क्लास में 20 और इकोनोमी क्लास में 36 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। टेल्गो के मात्र नौ कोच हैं, शताब्दी ट्रेन में 24 कोच लगते हैं।

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Category: Indian Railways, News

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