PF के अब होंगे 2 अकाउंट, इम्प्लॉई का 85% पैसा कैश और बाकी ETF में दिखेगा

| November 24, 2017

PF के अब होंगे 2 अकाउंट, इम्प्लॉई का 85% पैसा कैश और बाकी ETF में दिखेगा

अब आपके प्रॉविडेंट फंड के दो अकाउंट होंगे। एक कैश अकाउंट और दूसरा ईटीएफ अकाउंट। कैश अकाउंट में आपके पीएफ की 85 फीसदी रकम होगी, वहीं ईटीएफ अकाउंट में 15 फीसदी रकम होगी जो शेयर बाजार में निवेश की जाती है। यह रकम आपके अकाउंट में यूनिट के तौर पर दिखेगी। पीएफ विद्ड्रॉअल के समय आपकी यूनिट के नेट असेट वैल्‍यू के हिसाब से पेमेंट मिल जाएगा। ईपीएफओ बोर्ड ने इस बारे में प्रपोजल को मंजूरी दे दी है।








 शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के लिए पॉलिसी को मंजूरी

– ईपीएफओ के सेंट्रल पीएफ कमिश्‍नर डॉ. वीपी जॉय ने moneybhaskar.com को बताया कि ईपीएफओ ने शेयर बाजर में निवेश के लिए अकाउंटिंग पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब पीएफ अकाउंट होल्‍डर का ईटीएफ अकाउंट भी होगा, जिसमें शेयर मार्केट में निवेश की गई 15 फीसदी रकम के हिसाब से यूनिट मिल जाएगी। विद्ड्रॉअल के समय अकाउंट होल्डर को उस दिन यूनिट की कीमत के हिसाब से पैसा मिल जाएगा।




यूनिट की वैल्‍यू चेक कर सकेंगे मेंबर 

– कोई भी पीएफ अकाउंट होल्‍डर ईटीएफ अकाउंट में यह देख सकेगा कि उसकी यूनिट की इस समय कितनी कीमत है। यूनिट यानी एनएवी की वैल्‍यू रोज अपडेट होगी। इससे पीएफ मेंबर्स को यह भी पता चलता रहेगा कि आपके निवेश पर रिटर्न पॉजिटिव मिला या निगेटिव। मौजूदा समय में शेयर बाजार अपने निवेश लायक कुल फंड का 15 फीसदी तक शेयर बाजार में इन्वेस्ट करता है।

अप्रैल से ईटीएफ अकाउंट में आएगी यूनिट 

– पीएफ मेंबर के ईटीएफ अकाउंट में यूनिट 1 अप्रैल से क्रेडिट होगी। यह अकाउंट डिमैट अकाउंट से अलग होगा, जहां मेंबर ट्रेडिंग कर सकते हैं। जब आप विद्ड्रॉअल के लिए आवेदन करेंगे, तब सिर्फ ईपीएफओ ही आपकी यूनिट को बेच पाएगा

पेंशन फंड में कंट्रीब्‍यूशन बढ़ाने के मुद्दे पर संसद सत्र के बाद होगा विचार 

– सेंट्रल पीएफ कमिश्‍नर ने बताया कि सीबीटी मीटिंग के एजेंडे में पेंशन फंड में कंट्रीब्‍यूशन का मामला नहीं था। कुछ सीबीटी मेंबर्स ने यह मामला उठाया था। केंद्रीय लेबर मिनिस्टर ने सीबीटी मेंबर को भरोसा दिया है कि उनकी बात को सुना जाएगा।

– सीबीटी मेंबर एडी नागपाल ने बताया कि लेबर मिनिस्टर ने दिसंबर में होने वाले पार्लियामेंट के विंटर सेशन के बाद इस मसले पर मेंबर्स से बातचीत करने की बात कही है।




पीएफ इंटरेस्‍ट रेट पर नहीं हुआ विचार 

– फाइनेंशियल ईयर 2017 -18 के लिए पीएफ पर इंटरेस्‍ट तय करने पर सीबीटी की बैठक में विचार नहीं किया गया। यह मामला सीबीटी के एजेंडे मे भी नहीं था। डॉ. वीपी जॉय के मुताबिक, दिसंबर में होने वाली अगली सीबीटी मीटिंग में इस पर विचार किया जा सकता है।

शेयर बाजार में निवेश बढ़ाना चाहता है ईपीएफओ 

– ईपीएफओ शेयर बाजार से मिल रहे बेहतर रिटर्न को देखते हुए इन्वेस्टमेंट बढ़ाना चाहता है। ईपीएफओ पर पीएफ डिपॅॉजिट पर ज्‍यादा रिटर्न देने का दबाव है जबकि सरकारी  सिक्‍योरिटीज में निवेश पर रिटर्न लगातार बढ़ रहा है। ईपीएफओ इन्वेस्टमेंट लायक फंड का 85 फीसदी हिस्‍सा सरकारी सिक्‍युरिटीज में निवेश करता है। ऐसे में ईपीएफओ कम से कम पिछले साल के 8.65 फीसदी इंटरेस्‍ट को बरकरार रखना चाहता है। ईपीएफओ की नई अकाउंटिंग पॉलिसी को इस दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Category: EPFO, News, Provident Fund, Uncategorized

About the Author ()

Comments are closed.