केंद्र के सचिवों से कम वेतन पाते हैं राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति

| November 22, 2017

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को देश के प्रमुख नौकरशाहों और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के मुकाबले कम वेतन मिलता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि करीब दो साल पहले सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू होने के बाद विषमताओं को दूर करने के लिए कानून में अब तक संशोधन नहीं हुआ है। गृह मंत्रलय के एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रलय ने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों का वेतन बढ़ाने का एक प्रस्ताव करीब सालभर पहले मंजूरी के लिए कैबिनेट सचिवालय को भेजा था।








नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हो पाया है।1सरकार के प्रवक्ता से जब पूछा गया कि गृह मंत्रलय के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने में देरी की वजह क्या है, तो उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अधिकारी ने कहा कि मंत्रलय के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद इस आशय का विधेयक संसद में पेश किया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2008 में आखिरी बार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों के वेतन में इजाफा किया गया था। इससे पहले तक राष्ट्रपति का वेतन 50,000 रुपये, उपराष्ट्रपति का 40,000 रुपये और राज्यपालों का वेतन 36,000 रुपये प्रतिमाह था।




राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को अब भी देश के प्रमुख नौकरशाहों और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के मुकाबले कम वेतन मिलता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि करीब दो साल पहले सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद आई विषमताओं को दूर करने के लिए कानून में अब तक संशोधन नहीं हो पाया है। राष्ट्रपति को तीनों सेनाओं का सर्वोच्च कमांडर होने के बावजूद फिलहाल सेना प्रमुखों के वेतन से भी कम वेतन मिल रहा है। वहीं, सेना प्रमुखों को कैबिनेट सचिव के बराबर वेतन मिलता है।




एक साल पहले भेजा प्रस्ताव : गृह मंत्रलय के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रलय ने राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और राज्यपालों के वेतन बढ़ाने का एक प्रस्ताव तैयार कर करीब एक साल पहले मंजूरी के लिए कैबिनेट सचिवालय को भेजा था। नाम जाहिर न करने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि इस पर हालांकि अब तक कोई फैसला नहीं हो पाया है।

मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार : सरकार के प्रवक्ता को जब पूछा गया कि गृह मंत्रलय के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने में होने वाली देरी की वजह क्या है तो उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अधिकारी ने कहा कि मंत्रलय के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद इस आशय का विधेयक संसद में पेश किया जाएगा।

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Category: News, Seventh Pay Commission

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