Big TA scam surfaced in Railways, Vigilance on the job

| November 18, 2017

कर्मचारियों व अधिकारियों के रिकॉर्ड को दिल्ली ले गई विजिलेंस टीम, – पांच हजार के टीए को 50 हजार बनाकर लगाते थे रेलवे को चूना

फिरोजपुर रेलवे मंडल दफ्तर में ट्रेव¨लग अलाउंस (टीए) के बिलों में घोटाला हुआ है। दिल्ली से आई रेलवे की विजिलेंस टीम दो दिन की जांच के बाद इलेक्ट्रिकल ब्रांच के 17 कर्मचारियों के रिकॉर्ड को अपने साथ ले गई। कुछ कर्मचारी व अधिकारी मिलीभगत कर ट्रेवलिंग अलाउंस को 10 गुना तक बढ़ा देते थे और रेलवे को चूना लगाते थे। एडीआरएम रमनीक सिंह ने माना कि विजिलेंस टीम मंडल दफ्तर में आई थी और कुछ रिकॉर्ड की जांच की है।







फिरोजपुर मंडल दफ्तर में कार्यरत कर्मचारी रमिंदर सिंह ने 30 अगस्त को ट्रेवलिंग अलाउंस में हो रही गड़बड़ियों की शिकायत रेलवे मुख्यालय बड़ौदा हाउस दिल्ली को की थी। मामले की जांच विजिलेंस ने दो दिन पहले की थी। वीरवार देर रात तक कई कर्मचारियों व अधिकारियों के टीए बिलों व पे स्लिप की जांच की गई, जिसके बाद 17 कर्मचारियों व अधिकारियों का रिकॉर्ड लेकर टीम शुक्रवार को दिल्ली रवाना हो गई।

रेलवे सूत्रों के अनुसार यह बड़ा घोटाला सामने आएगा। इसमें कई कर्मचारी और कई वरिष्ठ अधिकारी नपेंगे। कई कर्मचारी तो ऐसे हैं जो कहीं गए भी नहीं, फिर भी रेलवे से महीने व 15 दिन का ट्रेवलिंग अलाउंस धोखे से ले लेते थे।



बिल की राशि में बढ़ा देते थे एक और शून्य : यह गड़बड़ी उस समय की जाती थी जब टीए बिल संबंधित अधिकारियों से मंजूर करवा लिया जाता। अंतिम क्षणों में कंप्यूटर में डाटा सेव करने से पहले मिलीभगत कर बिल में लिखित राशि में एक जीरो और जोड़ दी जाती थी। कर्मचारी व अधिकारी दो हजार के टीए को 20 हजार, पांच हजार के टीए को 50 हजार व सात हजार के टीए को 70 हजार रुपये यानी बिल को 10 गुना बढ़ा लेते थे।

धमकियों से परेशान शिकायतकर्ता अस्पताल में भर्ती

शिकायतकर्ता रमिंदर अस्पताल में भर्ती हैं। वह डिप्रेशन का शिकार हो गए हैं। विजिलेंस से ट्रेवलिंग अलाउंस में हो रहे घोटाले की शिकायत करने के बाद कथित रूप से उन्हें धमकियां मिलीं। कुछ लोगों ने शिकायत वापस लेने का दवाब बनाया, जिस कारण वह डिप्रेशन का शिकार हो गए। तीन दिन पहले रात 10 बजे रमनदीप को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।




आरोप साबित होने पर जा सकती है नौकरी

ट्रेवलिंग अलाउंस घोटाले में जो कर्मचारी व अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ रेलवे के नियम एसएफ-5 के तहत कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। एसएफ-5 के तहत कर्मी व अधिकारी को सजा के रूप में ग्रेड घटाने, सर्विस में सभी लाभ खत्म करते हुए नौकरी ज्वाइन करने की स्थिति और नौकरी से निकालने का प्रावधान है।
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Category: Indian Railways, News

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