कोहरे को चीरने में नाकाम रेलवे के उपकरण

| November 5, 2017

स्टेशन के बराबर वाले रेल फाटक होंगे इंटरलॉक, डिवाइस के बावजूद पटाखों के भरोसे ही होगा ट्रेनों का संचालन, रेलवे का दावा, इस बार कारगर साबित होगी डिवाइस

 रेलवे प्रशासन ने इस बार भी कोहरे में ट्रेनों की गति बढ़ाने और उन्हें लेटलतीफी से बचाने के लिए कोई कारगर उपाय नहीं खोजा है। इसके अलावा कोई सफल डिवाइस भी नहीं है। हालांकि इस बार रेल प्रशासन पिछले साल की तुलना में डिवाइस पर ज्यादा भरोसा कर रहा है। 1ठंड का मौसम शुरू हो गया है। अभी से हल्का-हल्का कोहरा भी छाने लगा है। इस दौरान सुबह से समय चालकों को दिखाई देना कम हो जाता है, ऐसे हालात में ट्रेनों की गति कम कर दी जाती है।








उम्मीद है कि हर साल की तरह इस साल भी 25 दिसंबर से 25 जनवरी तक काफी घना कोहरा होगा। इस दौरान ट्रेनें दस घंटे से भी अधिक समय तक लेट चलेंगी। लगातार देरी से चलने की वजह से कई ट्रेनें निरस्त भी कर दी जाएंगी। फॉग से लड़ने के लिए रेलवे पिछले 10 सालों से प्रयास कर रहा है। आधुनिक फॉग डिवाइस बनाने पर भी काम चल रहा है। पिछले पांच साल से जीपीएस सिस्टम से चलने वाला डिवाइस चलन में है, जो चालकों को केवल सिग्नल, रेल फाटक व स्टेशन आने की सूचनाएं देता है।




इस डिवाइस पर पिछले साल तक रेल प्रशासन को विश्वास नहीं था, इसलिए सभी स्टेशनों पर फॉग हट बनाकर यहां कर्मचारी तैनात किए जाते थे। कर्मचारी सिग्नल से पहले पटाखा लगाते हैं। इसकी आवाज सुनकर चालक समझ जाते थे कि सिग्नल या स्टेशन आने वाला है। पांच साल के बाद इस डिवाइस पर रेल प्रशासन का विश्वास बढ़ा है। इस बार कोहरे में पटाखा लगाने की बजाय डिवाइस की सूचना पर ट्रेनों का संचालन करने की योजना बनाई गई है।

बरेली के पास खुले रेल फाटक पर टैंकर और राज्यरानी की भिडं़त के बाद रेलवे प्रशासन काफी एहतियात बरत रहा है। इसी के तहत रेलवे स्टेशनों के बराबर वाले सभी मानव सहित रेल फाटकों को इंटरलॉक करने के आदेश दिए गए हैं। मंडल के 18 फाटकों को मार्च तक इंटरलॉक किया जाएगा। कमिश्नर रेलवे आफ सेफ्टी (सीआरएस) ने इसकी रिपोर्ट मांगी है। स्टेशन के बगल में जितने भी मानव सहित रेल फाटक हैं, उन्हें तत्काल इंटरलॉक करने के आदेश दिए गए हैं। इंटरलॉक हो जाने के बाद फाटक बंद न होने पर स्टेशन और फाटक के पहले का सिग्नल लाल ही रहेगा। इससे चालक ट्रेन को आगे नहीं बढ़ाएगा।




इसके अलावा मानवीय भूल से होने वाली दुर्घटनाओं को भी इससे रोका जा सकेगा। शनिवार को सीआरएस ने सीनियर डीएसओ, सीनियर डीएसई (सी) और सीनियर डीएसटीई को हरिद्वार बुलाकर रेल फाटक से संबंधित जानकारी ली। मुख्यालय से स्वीकृति लेकर स्टेशन के बगल के सभी मानव सहित रेल फाटक इंटरलॉक करने के आदेश दिए। इसके अलावा राज्य सरकार से संपर्क कर सभी फाटकों पर ओवरब्रिज या अंडरपास बनाने की कार्रवाई तेज करने के आदेश भी दिए गए हैं। मुरादाबाद रेल मंडल में स्टेशन के बगल में 18 मानव सहित रेल फाटक फाटक हैं, जो इंटरलॉक नहीं हैं। मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि मुख्यालय ने स्टेशन के बगल से सभी मानव सहित रेल फाटकों को इंटरलॉक करने के आदेश दिए हैं। मंडल प्रशासन रेल फाटकों को इंटरलॉक करने की तैयारी में जुट गया है। 31 मार्च तक फाटकों को इंटरलॉक कर दिया जाएगा।

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Category: Indian Railways, News

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