सातवां वेतनमान लागू करने से नया विवाद

| November 3, 2017

सुपर टाइम स्केल के आरएएस अफसरों को आईएएस से कहीं ज्यादा वेतन मिलेगा तो कर्मचारियों को बहुत कम

7वां वेतनमान लागू होने के साथ ही नया विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ कर्मचारियों का वेतन केंद्र के मानकों की तुलना में कम कर दिया गया है। दूसरी ओर राज्य सेवा के आरएएस, आरपीएस लेखा सेवा के अफसरों का वेतनमान अखिल भारतीय सेवा के अफसरों से भी ज्यादा हो गया है। हायर सुपर टाइम स्केल के आरएएस, आरपीएस व लेखा सेवा के अफसरों को अब सचिव, कमिश्नर या डीआईजी (आईएएस-आईपीएस) से भी अधिक वेतन मिलेगा।








इसकी वजह यह है कि नए वेतनमान में राज्य सेवा के हायर सुपर टाइम स्केल के अफसरों की बेसिक सैलरी जहां 1,45,800 रपए तय की गई है, वहीं सचिव रैंक के आईएएस अफसरों की बेसिक सैलरी 1,44,200 रपए पर ही फिक्स की गई है। यह वेतनमान लागू होने के साथ ही एरियर के अलावा वेतन फिक्सेशन में भी कर्मचारियों से भारी पक्षपात हुआ है।




एलडीसी, यूडीसी का फिक्सेशन केंद्र में दिए गए वेतनमान से कहीं कम है। केंद्र के 7वें वेतनमान में 10 हजार ग्रेड पे का वेतन गुणांक 2.72 लिया गया। इससे कम ग्रेड पे के लिए गुणांक 2.57 था। केंद्र में 9500 ग्रेड पे नहीं है।



यह ग्रेड पे राज्य के अफसरों को पिछली गहलोत सरकार में एक्सट्रा इंक्रीमेंट के तौर पर मिली। अफसरों के प्रभाव के चलते प्रदेश में इस ग्रेड पे का गुणांक भी 2.72 लिया गया। इस कारण फिक्सेशन सचिव व प्रमुख सचिव रैंक के आईएएस से ज्यादा पर हुआ है।

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Category: News, Seventh Pay Commission

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