एनपीएस में प्रोत्साहन राशि बढ़ाई

| October 29, 2017

पेंशन नियामक पेंशन कोष विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने सामाजिक सुरक्षा योजना के तौर पर चलाई जाने वाली राष्ट्रीय पेंशन पण्राली को बढ़ावा देने के लिए सेवा प्रदाता (पीओपी) को भुगतान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि बढ़ा दी है। पीओपी एनपीएस के लिए ग्राहकों से संग्रह एवं अन्य प्रकार की सेवाएं प्रदान करता है।पीएफआरडीए की आधिकारिक बयान के मुताबिक पीओपी को पेंशन योजना के लिए प्रारंभिक पंजीकरण पर मिलने वाले शुल्क को 125 रपए से बढ़ाकर 200 रपए कर दिया गया है। इसके साथ ही पेशन योजना की निरंतरता बनाये रखने के लिए भी एक प्रोत्साहन दिया गया है। अब पीओपी को ऐसे हर खाते के लिए 50 रपए प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि मिलेगी। पीओपी को यह राशि उन खातों के लिए मिलेगी जिनमें वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 रपए का योगदान जारी रहेगा। आगे के योगदान के मामले में ई-एनपीएस शुल्क भी बढ़ाया गया है। पीएफआरडीए ने कहा कि उसका मानना है कि यह प्रोत्साहन पीओपी के माध्यम से भारत में पेंशन की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।








नए केन्द्रीय कर्मचारियों की मौत पर पुरानी पेंशन का फायदा

नई पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत वर्ष 2004 से भर्ती लाखों केन्द्रीय कर्मचारियों की अरसे से चल रही मांग केंद्र सरकार ने पूरी कर दी है। अब उनकी मौत या स्थाई विकलांगता के मामले में पुरानी पेंशन योजना के हिसाब से फायदे मिलेंगे। इस मामले में भारत सरकार के कार्मिक एवं पेंशन मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिए है।

केंद्र सरकार व रेलवे व उससे जुड़े दूसरे उपक्रमों के नए कर्मचारियों को भी नौकरी के दौरान मौत या स्थाई विकलांगता पर पुरानी पेंशन योजना के लाभ मिलेंगे। रेलवे व केन्द्रीय कर्मचारी अरसे से एनपीएस के कर्मचारियों की असामयिक मौत पर उनके परिवार के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर कर रहे थे। केन्द्रीय कर्मचारियों के संगठनों, ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन व जेसीएम की लम्बी लड़ाई के बाद केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की यह मांग मान ली है। अब 1 जनवरी 2004 के बाद से नौकरी में आए केन्द्रीय कर्मचारियों को नौकरी के दौरान मौत व विकलांगता पर पुरानी पेंशन योजना के सभी लाभ मिलेंगे। इस मामले का आदेश जारी होने के बाद कर्मचारी संगठनों ने राहत की सांस ली है।




आश्रित को मिलेगी पूरी पेंशन

एनपीएस के किसी भी कर्मचारी को पेंशन का लाभ नहीं मिलता है, लेकिन अगर सेवाकाल के दौरान कर्मचारी की मौत हो जाती है तो उसके आश्रित को पुरानी पेंशन योजना के हिसाब से पेंशन मिलेगी। उसे बेसिक-पे की 50 प्रतिशत पेंशन के अलावा बाकी बची सर्विस काल की गणना करके हर साल 15 दिन की फुल सैलरी का भी भुगतान किया जाएगा। इतना ही नहीं कर्मचारी की मौत के सात साल तक उसे पुराने कर्मचारियों की भांति पूरी पेंशन मिलेगी।




लाखों कर्मचारियों को होगा फायदा

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव शिव गोपाल मिश्र ने बताया कि नए कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित थे। इसको लेकर 2004 से लड़ाई चल रही थी। अब जाकर उनकी मौत या विकलांगता पर पुरानी पेंशन स्कीम की तहत उनको सभी लाभ दिलाने में सफलता मिल सकी है। इससे रेलवे के साथ ही लाखों नए केन्द्रीय कर्मचारियों को खासी राहत मिलेगी।

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Category: News, NPS

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