One wrong message puts Railways on backfoot

| October 28, 2017

रेलवे के एक चूक ने मचाई अफरा-तफरी, पहले कर दी ट्रेन कैंसिल, फिर चला दी

रेलवे को जैसे चूक का पता चला, दोबारा भेजा एसएमएसरेलकर्मी की गलती या तकनीकी खामी, जांच के आदेश जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
बेहतर करने के प्रयास में कभी-कभी बड़ी चूक भी हो जाती है, जिसकी भरपाई मुश्किल होती है। तब तो और मुश्किल होती है, जब ट्रेन को कैंसिल कर दिया जाए और फिर कुछ घंटों के बाद उसे चलाये जाने की घोषणा कर दी जाए। यह सब कुछ रेलवे की ओर से भेजे जाने वाले एसएमएस से हुआ।पहले भेजे गए एसएमएस में कहा गया कि ट्रेन रद्द कर दी गयी है, जबकि कुछ घंटे के बाद दुबारा भेजे गए एसएमएस में यह कहा गया कि ट्रेन देरी से जाएगी। लिहाजा इस दौरान आरक्षित कराये गये यात्रियों में अफरा-तफरी मच गयी। रेलवे जांच के आदेश कर दिये हैं। रेलवे प्रवक्ता का कहना है कि यह चूक किसी कर्मचारी से अथवा सिस्टम में किसी खामी से हुई है।








जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। दरअसल प्रतीक्षा सूची के टिकट बर्थ कन्फर्म होने, ट्रेन के विलम्ब से जाने और ट्रेन के रद्द होने की जानकारी एसएमएस के जरिये यात्रियों को दी जाती है। यह एसएमएस रेलवे आईआरएसएमएमए के जरिये टिकट बुक कराने के लिए दिये गये मोबाइल नंबर पर देता है, ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके। लेकिन आज सुबह आनंद विहार टर्मिनल से जोगबनी जाने वाले ट्रेन (12488) सीमांचल एक्सप्रेस के आरक्षित कोच के यात्रियों को सूचना रेलवे की ओर से एसएमएस से सूचना मिली कि ट्रेन रद्द हो गयी है। पहले सूचना पर आरक्षित कोच के यात्रियों ने रिजव्रेशन रद्द कराने के लिए स्टेशन की ओर दौड़ लगायी जब कुछ ई-टिकट रद्द कराने में जुट गये। करीब दो घंटे बाद उन्हें दोबारा एसएमएस मिला कि यह ट्रेन पांच घंटे देरी से जाएगी। इसको लेकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गयी। इस प्रकरण की जानकारी ‘‘ राष्ट्रीय सहारा ’ ने रेलवे को दी।




इसके बाद शुरुआती जांच में यह पता चला कि सीमांचल एक्सप्रेस को सुबह 7.30 बजे आनंद विहार टर्मिनल से रवाना होना था। पहले ट्रेन को 250 मिनट देरी से चलाये जाने की घोषणा की गयी। बाद में 350 विलम्ब से चलाये जाना तय किया गया। इस बीच ट्रेन के स्लीपर और री एसी कोच के आरक्षित बर्थ के यात्रियों को ट्रेन रद्द होने का एसएमएस चला गया था। लेकिन रेलवे को इस एमएसएस की जानकारी मिली तो उसने ट्रेन रद्द नहीं और पांच घंटे विलम्ब से चलने का दोबारा एसएमएम भेजा गया, ताकि हुई चूक से यात्रियों को परेशानी न हो।




हालांकि इस दौरान करीब दो घंटे का समय बीत चुका था। इस दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी मची रही। रेलवे के प्रवक्ता का कहना है कि इस मामले की जांच के आदेश दे दिये हैं। यह चूक कर्मचारी के स्तर पर हुई है अथवा एसएमएस भेजे जाने वाले सिस्टम में कोई तकनीकी खामी आने से हुई है। पूरे प्रकरण की जांच के बाद दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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Category: Indian Railways, News

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