रेल अफसरों की पत्नियों की महिला समितियों में भी वीआईपी कल्चर पर फुलस्टॉप

| October 12, 2017

रेल अफसरों की पत्नियों की महिला समितियों में भी वीआईपी कल्चर पर फुलस्टॉप, सेमी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर अध्ययन के लिए जर्मनी से करार

नई दिल्ली (एसएनबी)। नई दिल्ली से आगरा तक सेमी हाईस्पीड की ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस के परिचालन के बाद अभी तक दूसरी गतिमान एक्सप्रेस नहीं चलायी गयी है। इस बीच चेन्नई-काजीपेट के बीच दो सौ किलोमीटर की रफ्तार वाली कॉरिडोर बनाने की बात चल निकली है। इस कॉरिडोर का व्यवहार्यता अध्ययन करने के संबंध में भारतीय रेलवे और जर्मन रेलवे के बीच आज संयुक्त से करार किया गया। इस आशय का करार दोनों रेलवे के बीच आज रेलवे बोर्ड अध्यक्ष अश्वनी लोहानी मौजूदगी में हुआ। यह कार्य 50-50 प्रतिशत लागत भागीदारी के आधार पर किया जाएगा। चेन्नई-काज़िपेट कॉरिडोर (643 किमी) पर 200 किलोमीटर की सेमी हाईस्पीड चलाने की योजना है। यह अध्ययन रिपोर्ट 22 महीने में तैयार कर ली जाएगी।

नहीं होगा अफसरों के स्थानांतरण पर विदाई समारोह, सेवानिवृत्ति पर सामान्य कार्यक्रम, उपहार और चंदे की पूरी तरह से मनाही
नहीं होगा अफसरों के स्थानांतरण पर विदाई समारोह, सेवानिवृत्ति पर सामान्य कार्यक्रम, उपहार और चंदे की पूरी तरह से मनाही

रेलवे में वीआईपी कल्चर समाप्त करने की मुहिम तेज हो गई है। नित नए आदेश जारी कर तमाम परंपराएं समाप्त की जा रही हैं। अब रेल अफसरों की पत्नियों की अगुवाई में चलने वाली महिला समितियों में वीआईपी कल्चर समाप्त करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्देश किसी और ने नहीं, बल्कि रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष अरुणिमा लोहानी जारी किए हैं। चूंकि रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष की पत्नी रेलवे बोर्ड स्तर पर महिला समिति की अध्यक्ष होती हैं, इसलिए इस आशय का पत्र अरुणिमा लोहानी ने जारी किया है।

गौरतलब है कि पीयूष गोयल के रेल मंत्री और अश्वनी लोहानी के रेलवे बोर्ड अध्यक्ष बनने के बाद से रेलवे में वीआईपी कल्चर बदलने की मुहिम शुरू हो गई है। गुलदस्ता, उपहार, सैलून और मातहतों के जुटने जैसी परंपराओं पर रोक लगाने के बाद अब रेलवे महिला कल्याण समिति में वीपीआई कल्चर पर फुलस्टॉप लगाने की पहल की गई है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी की पत्नी अरुणिमा लोहानी ने बतौर महिला कल्याण समिति के अध्यक्ष सभी जोनल रेलवे, मंडल रेलवे और उत्पादन इकाइयों की महिला कल्याण समितियों को पत्र लिखा है। इसमें वीआईपी कल्चर को पूरी तरह से समाप्त करने की बात कही गई है। इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि अफसरों के स्थानांतरण पर कोई विदाई समारोह आयोजित नहीं किया जाए, बल्कि केवल सेवानिवृत्ति के अवसर पर सामान्य कार्यक्रम हो। उपहार और चंदा पर पूरी तरह से मनाही है।

यहां तक कि किसी सदस्य के जन्मदिन पर कोई खर्च नहीं किया जाए। वास्तव में जोनल रेलवे में महाप्रबंधक की पत्नी, मंडल रेलवे में मंडल रेल प्रबंधक की पत्नी और उत्पादन इकाइयों में वहां के प्रमुख अधिकारी की पत्नी महिला कल्याण समिति की अध्यक्ष होती हैं। अभी तक इन महिला कल्याण समितियों से ओर वेहिसाब तरीके से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता था और कार्यक्रम के लिए चंदा एकत्र करने का काम होता था। इसको लेकर कई बार अंदरूनी तौर पर कहा भी जाता था कि यह धन की बर्बादी है। लेकिन, अधिकारियों की पत्नियों के मुखिया होने के कारण महिला कल्याण समिति के ऐसे कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहता था। अब रेलवे में वीआईपी कल्चर पर रेड सिग्नल के बाद महिला कल्याण समितियों के बेहिसाब कार्यक्रम और खर्चो पर रोक लगेगी।

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Category: Indian Railways, News

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