बिना रिश्वत लिये ऑफिस में नहीं होता कोई काम, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से गार्ड और लोको पायलट ने की शिकायत

| October 8, 2017

मुरादाबाद:- रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्वनी लोहानी से चालक, गार्ड व टीटीई ने कहा कि आफिस में बिना घूस के कोई काम नहीं किया जाता है। ट्रेनों में यात्रियों से किराया व जुर्माना वसूली करने वाले एक्सेस फेयर टिकट (ईएफटी) के लिए घूस भी देनी पड़ती है। चेयरमैन ने कर्मियों को अपना मोबाइल नंबर दिया और कहा कि सीधे फोन कर सूचना दें।








शनिवार सुबह 11.45 बजे रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी रेल मोटर कार से मुरादाबाद पहुंचे। प्लेटफार्म संख्या एक पर लगी बायो टायलेट का मॉडल और मुरादाबाद यार्ड का नक्शा को देखा। इसके बाद उपवन द्वारा सफाई अभियान के लिए चला जा रहे हस्ताक्षर बोर्ड पर संदेश लिखने के बाद हस्ताक्षर किये। वहां से सीधे निर्माणाधीन केजीके कालेज फुट ओवर ब्रिज को देखने चले गए। मुख्य टिकट निरीक्षक के कक्ष में पहुंचे और वहां उपस्थित सीआइटी व टीटीई से गेट पर 24 घंटे टीटीई तैनात करने के बारे में पूछा। सीआइटी ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण गेट पर 24 घंटे टीटीई तैनात नहीं किया जा सकता है।




सीआरबी ने कहा कि उपलब्ध संसाधन और स्टाफ में बेहतर काम करें। यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएं और मधुर व्यवहार करें। सीआरबी इसके बाद सीधे चालक व गार्ड लॉबी में पहुंच गए। ड्यूटी पर जाने वाले गार्ड व चालक उपस्थित थे। चालक व गार्ड से कार्य के बारे में पूछताछ की और सवाल किया कि आप किसी काम से आफिस में जाते हैं तो काम हो जाता है। चालकों व गार्डो ने एक सुर से कहा कि बिना घूस के काम नहीं होता। सीआरबी ने कहा किसी से डरने की जरूरत नहीं है, अपना मोबाइल नंबर देकर बोले सीधे कॉल कर सूचना दें। कुछ चालकों ने रोजा रनिंग रूम की खराब हालत की शिकायत की। सीआरबी गार्ड व चालकों से छोटे-छोटी बातों की जानकारी की। चालक व गार्ड से कहा कि वह सुरक्षित ट्रेन चलाने में रेल प्रशासन को सहयोग करें।




दोबारा पहुंचे सीआइटी कक्ष

-चालक व गार्ड लॉबी से निकल कर दोबारा सीआइटी रूम में पहुंचे, सभी को बाहर निकाल दिया। सीआइटी अरविंद कुमार, वीके शर्मा, सरफराज को बुलाया लिया। पूछने पर बताया कि ईएफटी के लिए दो हजार रुपये घूस देनी पड़ती है, तब ईएफटी मिलती है। ऐसे में टीटीई कहां से घूस के लिए रुपये दें। ईएफटी लाने वाले अमरेंद्र को खोजना शुरू किया, छुंट्टी पर होने के कारण वह नहीं मिला। इसके अलावा अन्य टीटीई से पूछताछ की। टीटीई ने राजस्व वसूली करने के नाम पर अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न करने जैसे आरोप भी लगाए। निरीक्षण के दौरान, उत्तर रेलवे महाप्रबंधक आरके कुलश्रेष्ठ, प्रधान मुख्य अभियंता नवीन चोपड़ा, मुख्य पैसेंजर ट्रैफिक मैनेजर नरसिंह, मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल, प्रवर मंडल अधीक्षण अभियंता (सी) आरपी सिंह, प्रवर मंडल संरक्षा अधिकारी बीके चड्डा उपस्थित थे।

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Source:- Jagran

Category: Indian Railways, News

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