Saloon culture is a thing of past in Indian Railways now

| October 6, 2017

रेलवे जीएम सैलून में नहीं अब शयनयान में सफर करेंगे, रेल मंडलों के महाप्रबंधकों और डिविजनल मैनेजर को जारी किया निर्देश, यात्रियों के साथ सफर कर फीडबैक लेने का आदेश, निरीक्षण के लिए सिर्फ दो सैलून की इजाजत, डिविजन में चार एडीआरएम

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सभी रेल मंडलों के महाप्रबंधक (जीएम) और डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) को रेलवे के वीआईपी सैलून के बजाय मेल-एक्सप्रेस के शयनयान व एसी-3 श्रेणी में सफर करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे के अति महत्वपूर्ण पदों पर बैठे उक्त अधिकारी जनता के फीडबैक के आधार पर रेलवे में सुधार करेंगे। वहीं, फ्रीज, सोफा, किचन, बेडरूम आदि सुविधाओं से लैस सैलून प्रथा को समाप्त किया जाएगा। ताकि फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाया जा सके।पिछले एक माह से निरंतर बैठकों का सिलसिला जारी रखते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को 17 रेल मंडलों के महाप्रबंधकों को दिल्ली तलब किया। उत्तर रेलवे के मख्यालय बड़ौदा हाऊस में आयोजित बैठक में गोयल ने कई महत्वपूर्ण फैसले किए। बैठक में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि गोयल ने जीएम व डीआरएम को मेल-एक्सप्रेस, सुपरफास्ट ट्रेनों के शयनयान व एसी-3 श्रेणी में यात्र करने के निर्देश दिए हैं। गोयल ने कहा कि निरीक्षण के नाम पर जीएम-डीआरएम वीआईपी सैलून में घूमना बंद करें।








सैलून में निरीक्षण करने के बजाय ट्रेन में आम जनता के साथ यात्र करने पर ही उनकी तकलीफों का पता चलेगा। जनता से मिले फीडबैक के हिसाब से रेलवे में सुधार के लिए कदम उठाएं। गोयल ने जोन व डिजिवन में रखे सभी सैलून को हटाकर सिर्फ निरीक्षण के लिए दो सैलून रखने के निर्देश दिए हैं। रेलवे में सुधार के लिए 17 जोन के मुख्यालयों में बैठे 3,400 वरिष्ठ अधिकारियों (प्रत्येक जोन से 200 अधिकारी) को क्षेत्र में तैनात करने का महत्वपूर्ण फैसला किया है।




सैलून में निरीक्षण करने के बजाय ट्रेन में आम जनता के साथ यात्र करने पर ही उनकी तकलीफों का पता चलेगा। जनता से मिले फीडबैक के हिसाब से रेलवे में सुधार के लिए कदम उठाएं। गोयल ने जोन व डिजिवन में रखे सभी सैलून को हटाकर सिर्फ निरीक्षण के लिए दो सैलून रखने के निर्देश दिए हैं। रेलवे में सुधार के लिए 17 जोन के मुख्यालयों में बैठे 3,400 वरिष्ठ अधिकारियों (प्रत्येक जोन से 200 अधिकारी) को क्षेत्र में तैनात करने का महत्वपूर्ण फैसला किया है।





रेल मंत्री ने सभी 68 डिविजन में एक के बजाय चार एडीआरएम नियुक्त करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। भारतीय रेल के इतिहास में पहली बार किसी डिविनज में चार एडीआरएम तैनात किए जाएंगे। वर्तमान व्यवस्था में किसी डिवजिन में एक डीआरएम व एक एडीआरएम नियुक्ति किए जाते हैं। कामकाज के लिहाज से डीआरएम काफी दबाव में रहते हैं, चार एडीआरएम के सहयोग से समस्याओं को आसानी से निपटाया जा सकेगा।

रेल मंत्री ने सभी 68 डिविजन में एक के बजाय चार एडीआरएम नियुक्त करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। भारतीय रेल के इतिहास में पहली बार किसी डिविनज में चार एडीआरएम तैनात किए जाएंगे। वर्तमान व्यवस्था में किसी डिवजिन में एक डीआरएम व एक एडीआरएम नियुक्ति किए जाते हैं। कामकाज के लिहाज से डीआरएम काफी दबाव में रहते हैं, चार एडीआरएम के सहयोग से समस्याओं को आसानी से निपटाया जा सकेगा।

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Category: Indian Railways, News

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