Home Ministry to take over control of RPF from Railways

| September 28, 2017

करोड़ यात्रियों की रोजाना सुरक्षा का जिम्मा

आरपीएफ जवानों-अधिकारियों की नियुक्ति, उनका वेतन, पेंशन, भत्ता व दूसरी सुविधाएं देने का दायित्व गृह मंत्रलय का होगा। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। इससे गृह मंत्रलय के दूसरे अर्धसैनिक बलों की तरह आरपीएफ का रुतबा भी ऊंचा होगा।

नई दिल्ली :- सरकार ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को गृह मंत्रलय से संबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके पश्चात आरपीएफ का नियंत्रण रेल मंत्रलय के स्थान पर गृह मंत्रलय के हाथों में होगा। सरकार के इस कदम से यात्रियों की सुरक्षा मजबूत होगी। वहीं, रेलवे को आरपीएफ के वेतन, भत्ता, पेंशन व अन्य सुविधाएं देने से छुटकारा मिल जाएगा।रेल मंत्रलय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति की सिफारिशों पर अमल करते हुए आरपीएफ को गृह मंत्रलय के अधीन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।








रेल मंत्रलय अक्तूबर तक संबंधित कैबिनेट नोट सरकार के पास भेज देगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद आरपीएफ पर रेलवे के स्थान पर गृह मंत्रलय का नियंत्रण हो जाएगा। अधिकारी का कहना है कि जोनल रेलवे व डिवीजन स्तर पर आरपीएफ की चौकियां, कार्यालय, आवास आदि गृह मंत्रलय चरणबद्ध तरीके से अपने अधीन कर लेगा। उन्होंने बताया कि आरपीएफ मौजूदा व्यवस्था के तहत यात्री व रेल संपत्ति की रक्षा करेगा। लेकिन इसके निर्देश व निगरानी गृह मंत्रलय करेगा।




रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक धर्मेंद्र कुमार ने कहा है कि आरपीएफ जवान यात्रियों की टिकट की जांच नहीं करेंगे.

यह निर्देश सभी जोनल रेलवे को भेजे गये पत्र में दिया गया है. कुछ दिन पहले बिना टिकट यात्रा करने वाले एक यात्री की आरपीएफ के एक दस्ते द्वारा कथित रूप से पीछा करने पर ट्रेन से नीचे गिरकर मौत हो गई थी जिसके बाद यह निर्देश जारी किया गया.




कुमार के 19 सितंबर के पत्र में कहा गया, ‘आरपीएफ जवान टिकट जांचने के अभियान, चलती ट्रेन और प्लेटफार्म पर इस मकसद से यात्रियों का पीछा करने के काम में शामिल नहीं होंगे क्योंकि इससे यात्रियों में हड़बड़ाहट पैदा हो सकती है जिससे गंभीर घटनाएं हो सकती हैं.’

उन्होंने कहा कि इस आदेश के किसी भी तरह के उल्लंघन को गंभीरता से देखा जाएगा और निगरानी अधिकारियों को इस संबंध में हुए हादसों के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा.

गौरतलब है कि इस साल 26 अगस्त को मध्यप्रदेश के झांसी के महोबा में जीआरपी ने 22 साल के एक इंजीनियर को चलती ट्रेन से कथित रूप से गिराने के आरोप में एक आरपीएफ दल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
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Category: Indian Railways, News

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