सरकारी आदेश: अब केंद्रीय कर्मचारियों को LTC पर नहीं मिलेगा दैनिक भत्ता

| September 22, 2017

एक सरकारी आदेश के मुताबिक, अब केंद्रीय कर्मियों को अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) पर रोजाना भत्ता नहीं मिलेगा। एलटीसी के तहत ऐसे कर्मियों को अवकाश की मंजूरी और टिकट के पैसे वापस मिलते हैं जो नियमों के तहत अपने गह नगरों और अन्य स्थानों पर जाने के हकदार होते हैं।

पहले केंद्रीय कर्मी ऐसे भत्ते के हकदार थे जो रैंकों के हिसाब से अलग-अलग होते थे। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया कि स्थानीय यात्राओं पर आया खर्च और किसी आकस्मिक खर्च को एलटीसी के तहत स्वीकार नहीं किया जाएगा।








बहरहाल, प्रीमियम या सुविधा ट्रेनों एवं तत्काल जैसी सेवाओं को एलटीसी के तहत अनुमति दी गई है। आदेश में कहा गया कि तत्काल शुल्कों या प्रीमियम तत्काल शुल्कों पर आया खर्च वापस देने को भी एलटीसी के मकसद के लिए स्वीकार किया जाएगा। आदेश के मुताबिक, नए नियम एक जुलाई 2017 से प्रभावी होंगे।




भारत में कितने रेलवे स्टेशन प्राइवेट सेक्टर को दिए गए हैं …

भारत में अभी तक सभी रेलवे स्‍टेशन सरकार की देखरेख में हैं। लेकिन अब इनमें से कई को प्राइवेट सेक्‍टर से साथ मिलकर रीडेवलप किए जाने की योजना है। इसके मुताबिक, भोपाल का हबीबगंज पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर डेवलप होने वाला देश का पहला रेलवे स्‍टेशन होगा। इस मॉडल के तहत हबीबगंज रेलवे स्‍टेशन पर दुकानों, ऑफिस और होटल्‍स के साथ कॉमर्शियल हब मौजूद होंगे।  इस स्‍टेशन को पीपीपी मॉडल के तहत रीडेवलप होने में तीन साल का वक्‍त लगेगा।




हबीबगंज रेलवे स्‍टेशन के रीडेवलपिंग ऑपरेशन और मेंटीनेंस की जिम्‍मेदारी 8 सालों के लिए भोपाल स्थित बंसल ग्रुप को दी गई है। बंसल ग्रुप हबीबगंज स्‍टेशन की रीडेवलपिंग के लिए 100 करोड़ रुपए इनवेस्‍ट करेगा। स्‍टेशन सोलर एनर्जी से चलेगा और इसमें 6 लिफ्ट, 11 एस्‍कलेटर और 3 ट्रैवलेटर्स होंगे। इसके अलावा 2 अंडरपास,  300 कारों, 850 टूव्‍हीलर्स, रिक्‍शा, टैक्‍सी और बसों के लिए पार्किंग स्‍पेस होगा।  भी मौजूद होंगे। यह प्रोजेक्‍ट को इंडियन रेलवे के रीडेवलप 400 ए1 और ए कैटेगरी रेलेवे स्‍टेशंस प्‍लान के तहत है।

हबीबगंज के अलावा IRSDC कुछ अन्‍य रेलवे स्‍टेशनों की रीडेवलपिंग करेगा। इनमें आनंद विहार (दिल्‍ली), बिजवासन (दिल्‍ली), चंडीगढ़, सूरत (गुजरात), मोहाली (पंजाब) और गांधीनगर (गुजरात) शामिल हैं। इंडियश्‍न रेलवे का उद्देश्‍य देश के 400 स्‍टेशनों को रीडेवलप कर उन्‍हें वर्ल्‍ड क्‍लास फैसिलिटी वाला बनाना है।

इंडियन रेलवे ने स्‍टेशनों के रीडेवलपमेंट के लिए तीन मॉडलों को चुना है। पहला मॉडल पीपीपी है, जिसके तहत प्रोजेक्‍ट को प्‍लान कर, सभी जरूरी क्लियरेंस लेकर ए क डेवलपर को चुना जाता है। दूसरे मॉडल में सरकार अन्‍य देशों की सरकारों के साथ मिलकर स्‍टेशनों को रीडेवलप करती है। तीसरा मॉडल स्विस चैलेंज मेथड है, जिसमें बिडर्स स्‍टेशन को डिजाइन और डेवलप करने के प्रोजेक्‍ट के लिए स्‍वतंत्र होते हैं।

Category: DOPT, News

About the Author ()

Comments are closed.