Modi Government bringing profitable scheme for workers

| September 18, 2017

सरकार आम आदमी के अच्छे दिन लाने के वादे के साथ सत्ता में आई थी। इस सरकार ने तीन साल से ज्यादा का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस दौरान लोगों के अच्छे दिन आए या नहीं यह एक बड़ी बहस का मुद्दा हो सकता है। लेकिन 40 करोड़ से ज्यादा लोगों को जल्द ही बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। देश के संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों में काम कर रहे श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए सरकार एक महती योजना पर काम कर रही है। इसको लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। इस योजना के सिरे चढ़ने से इन लोगों को ऐसी कई सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी जिन्हें यह अभी तक हासिल करने की स्थिति में नहीं थे।








क्या है योजना सरकारी अनुमान के अनुसार असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिको की संख्या देश में कुल श्रमिकों की संख्या के 93 फीसद से ज्यादा है। यानी संगठित क्षेत्र में सिर्फ सात फीसद लोगों को ही रोजगार मिल पा रहा है। असंगठित क्षेत्र में लोगों को स्थायी और एक जगह रोजगार नहीं मिल पाता है। रोजी-रोटी के लिए इन्हें एक शहर से दूसरे शहर जाना पड़ता है। कमाई सीमित होने की वजह से यह वर्ग अपनी गुजर-बसर ठीक से नहीं कर पा रहा है। इसी को देखते हुए सरकार देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत 40 करोड़ से ज्यादा असंगठित श्रमिको के हितों की रक्षा करने के लिए उन्हें सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है।क्या होगा फायदा मौजूदा स्थिति में यदि कोई श्रमिक परिवार में अकेला कमाने वाला है और किसी बीमारी या हादसे में उसकी मौत हो जाती है तो पीड़ित परिवार के समक्ष खाने के लाले पड़ जाते हैं।




इसी तरह कोई श्रमिक हादसे में अपंग होने के बाद कमाने लायक नहीं रह जाता है तो उसे पाई-पाई के मोहताज रहना पड़ता है। सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आने पर श्रमिक के पीड़ित परिवार को बीमा योजनाओं और पेंशन का तत्काल लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। समय पर मदद मिलने पर पीड़ित परिवार के समक्ष जीवनयापन के लिए पैसे की समस्या नहीं आएगी। इस योजना के दायरे में खेतिहर मजदूर, नाई, मोची, रिक्शाचालक, फल व सब्जी विक्रेताओं को भी लाने का प्रस्ताव है। इस योजना के लागू होने से 40 करोड़ लोगों के वाकई में अच्छे दिन आ जाएंगे। इसके साथ ही मोदी सरकार का महत्वपूर्ण वादा भी पूरा हो जाएगा।




कैसे होगी शुरुआत पिछले दिनों केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने ऐलान किया है कि सरकार संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों के सभी श्रमिकों को एक विशिष्ट पहचान संख्या देने जा रही है। इस विशिष्ट नंबर को हासिल करने के बाद कोई कोई भी श्रमिक कहीं भी सरकारी योजना का लाभ उठा सकेगा। इसके तहत श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी, पेंशन, स्वास्य बीमा, जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। यदि पटना का कोई खेतिहर मजदूर काम के सिलसिले में लुधियाना जाता है तो विशिष्ट संख्या के आधार पर वह सरकार द्वारा दी जा रही तमाम सुविधाओं का लाभ वहां जाकर भी हासिल कर सकता है।

इस कवायद का श्रमिकों को एक और बड़ा लाभ यह होगा कि एक व्यक्ति एक केवल एक जगह ही सरकारी सुविधा का लाभ उठा सकता है। इससे भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।कैसे मिलेगा लाभ सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी इस योजना का लाभ सरकार जनधनखातों के जरिए देगी। यह फैसला मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार को देखते हुए लिया गया है। पहचान संख्या मिलने पर कोई भी व्यक्ति एक जगह से ज्यादा लाभ के लिए पंजीकरण नहीं करा पाएगा। यदि किसी श्रमिक की मौत होती है तो उसके नामिनी को बीमा का लाभ तत्काल ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसके लिए पीड़ित परिवार को सरकारी विभागों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेगा। सरकार इस योजना का लाभ आगामी लोकसभा चुनावों में लेना चाहेगी। इसलिए इसे जोर-शोर से लागू करने की तैयारी चल रही है।

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