Railway Board Chairman offloaded to give attention towards train operation

| September 15, 2017

हादसे रोकने को बढ़ी रेलवे बोर्ड अध्यक्ष की जिम्मेदारी

नई दिल्ली : निजाम बदलने के साथ ही रेलवे में हादसों पर लगाम लगाने के नए उपायों पर काम शुरू हो गया है। इसके तहत रेलवे बोर्ड अध्यक्ष व सदस्यों की जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा किया गया है। पुरानी रेल पटरियों के नवीनीकरण और रखरखाव पर अधिक ध्यान देने के लिए अध्यक्ष को कम महत्वपूर्ण दायित्वों से मुक्त किया गया है। वे अब कारखानों और पीएसयू की निगरानी नहीं करेंगे। यह जिम्मेदारी सदस्य निभाएंगे। कारखानों के महाप्रबंधकों से भी अध्यक्ष के बजाय संबंधित सदस्य से संपर्क में रहने को कहा गया है। चितरंजन और वाराणसी इंजन कारखानों तथा कोर के जीएम अब सदस्य-बिजली को रिपोर्ट करेंगे। जबकि चेन्नई, कपूरथला और रायबरेली की कोच फैक्टियों तथा बंगलूर की रेल ह्वील फैक्ट्री के जीएम से सदस्य-चल स्टॉक को रिपोर्ट करने को कहा गया है।








पूवरेत्तर सीमांत रेलवे के जीएम (कांस्ट्रक्शन) भी सदस्य-इंजीनियरिंग (एमई) के समक्ष अपनी बात रखेंगे। अध्यक्ष के पास अब केवल कोंकण रेलवे कारपोरेशन लिमिटेड (केआरसीएल) की जिम्मेदारी रह गई है। अभी तक यह जिम्मेदारी सदस्य-इंजीनियरिंग के पास थी। ऐसा कोंकण रेलवे को भविष्य में कमाई का प्रमुख केंद्र बनाने तथा सदस्य-इंजीनियरिंग को दूसरे कार्यो के लिए मुक्त करने के मकसद से किया गया है। क्रिस के कार्यो की समीक्षा सदस्य-यातायात (एमटी) करेंगे। अभी तक यह जिम्मेदारी सदस्य-कार्मिक के पास थी। रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक को भी एमटी से संबद्ध कर दिया गया है।




पिछले निजाम में बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने कई सदस्यों के कार्य व अधिकार अनावश्यक रूप से अपने हाथ में ले रखे थे। इससे उनके पास रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और आपरेशंस पर ध्यान देने का वक्त ही नहीं होता था, जबकि संबंधित सदस्य शक्तिहीन महसूस करते थे। इससे रेलवे में निचले स्तर पर रखरखाव कार्यो के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही का वातावरण पैदा हो गया था।जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : निजाम बदलने के साथ ही रेलवे में हादसों पर लगाम लगाने के नए उपायों पर काम शुरू हो गया है। इसके तहत रेलवे बोर्ड अध्यक्ष व सदस्यों की जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा किया गया है। पुरानी रेल पटरियों के नवीनीकरण और रखरखाव पर अधिक ध्यान देने के लिए अध्यक्ष को कम महत्वपूर्ण दायित्वों से मुक्त किया गया है।

वे अब कारखानों और पीएसयू की निगरानी नहीं करेंगे। यह जिम्मेदारी सदस्य निभाएंगे। कारखानों के महाप्रबंधकों से भी अध्यक्ष के बजाय संबंधित सदस्य से संपर्क में रहने को कहा गया है। चितरंजन और वाराणसी इंजन कारखानों तथा कोर के जीएम अब सदस्य-बिजली को रिपोर्ट करेंगे। जबकि चेन्नई, कपूरथला और रायबरेली की कोच फैक्टियों तथा बंगलूर की रेल ह्वील फैक्ट्री के जीएम से सदस्य-चल स्टॉक को रिपोर्ट करने को कहा गया है। पूवरेत्तर सीमांत रेलवे के जीएम (कांस्ट्रक्शन) भी सदस्य-इंजीनियरिंग (एमई) के समक्ष अपनी बात रखेंगे। 1अध्यक्ष के पास अब केवल कोंकण रेलवे कारपोरेशन लिमिटेड (केआरसीएल) की जिम्मेदारी रह गई है। अभी तक यह जिम्मेदारी सदस्य-इंजीनियरिंग के पास थी। ऐसा कोंकण रेलवे को भविष्य में कमाई का प्रमुख केंद्र बनाने तथा सदस्य-इंजीनियरिंग को दूसरे कार्यो के लिए मुक्त करने के मकसद से किया गया है। क्रिस के कार्यो की समीक्षा सदस्य-यातायात (एमटी) करेंगे। अभी तक यह जिम्मेदारी सदस्य-कार्मिक के पास थी। रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक को भी एमटी से संबद्ध कर दिया गया है।




पिछले निजाम में बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने कई सदस्यों के कार्य व अधिकार अनावश्यक रूप से अपने हाथ में ले रखे थे। इससे उनके पास रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और आपरेशंस पर ध्यान देने का वक्त ही नहीं होता था, जबकि संबंधित सदस्य शक्तिहीन महसूस करते थे। इससे रेलवे में निचले स्तर पर रखरखाव कार्यो के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही का वातावरण पैदा हो गया था।

रेल यात्रा में आइडी प्रूफ में दिखाइए अब एम-आधार

ट्रेन में सफर के लिए यात्री अब एम-आधार को आइडी प्रूफ (पहचान प्रमाण पत्र) के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। रेल मंत्रलय ने बुधवार को कहा कि उसने किसी भी आरक्षित श्रेणी के यात्रियों के लिए पहचान पत्र के रूप में आधार के डिजिटल प्रारूप ‘एम-आधार’ को मंजूरी देने का फैसला लिया है। रेल मंत्रलय की ओर से जारी बयान के अनुसार, किसी भी आरक्षित श्रेणी में सफर के दौरान यात्री जब पासवर्ड डालकर एम-आधार दिखाएगा तब उसे आइडी प्रूफ के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। मालूम हो, एम-आधार एक मोबाइल एप है। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) ने लांच किया है। इससे कोई भी व्यक्ति डाउनलोड कर सकता है। हालांकि इसे केवल उसी मोबाइल नंबर पर डाउनलोड किया जा सकता है, जो आपके आधार से लिंक हो। यह अभी केवल एंड्रायड फोन पर ही काम करेगा।

रेल यात्रा में आइडी प्रूफ में दिखाइए अब एम-आधार1नई दिल्ली, प्रेट्र : ट्रेन में सफर के लिए यात्री अब एम-आधार को आइडी प्रूफ (पहचान प्रमाण पत्र) के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। रेल मंत्रलय ने बुधवार को कहा कि उसने किसी भी आरक्षित श्रेणी के यात्रियों के लिए पहचान पत्र के रूप में आधार के डिजिटल प्रारूप ‘एम-आधार’ को मंजूरी देने का फैसला लिया है। रेल मंत्रलय की ओर से जारी बयान के अनुसार, किसी भी आरक्षित श्रेणी में सफर के दौरान यात्री जब पासवर्ड डालकर एम-आधार दिखाएगा तब उसे आइडी प्रूफ के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। मालूम हो, एम-आधार एक मोबाइल एप है। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) ने लांच किया है। इससे कोई भी व्यक्ति डाउनलोड कर सकता है। हालांकि इसे केवल उसी मोबाइल नंबर पर डाउनलोड किया जा सकता है, जो आपके आधार से लिंक हो। यह अभी केवल एंड्रायड फोन पर ही काम करेगा।

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Category: Indian Railways, News

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