Railway has systemic malfunctions, rectification work is on says Chairman Railway Board

| September 10, 2017

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने शनिवार को इलाहाबाद जंक्शन में कर्मचारियों के काम करने के तरीकों को भी समझा। ‘बड़े फायदे के लिए छोटा नुकसान सहेंगे’

एनबीटी ब्यूरो, इलाहाबाद : रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने कहा है कि रेलवे लंबी अवधि के फायदे के लिए शॉर्ट टर्म नुकसान भी सहने को तैयार है। इसके लिए यदि ट्रेनें लेट भी होती हैं तो उसे कुछ समय के लिए नजरअंदाज किया जा सकता है। पिछले कुछ दिनों में हादसे बढ़े हैं लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में कमी आई है। हमारा प्रयास इसे न्यूनतम करने का है। इसके लिए ट्रैक की मरम्मत करनी होगी। मरम्मत के लिए ब्लाक्स लेने होते हैं लेकिन ज्यादा ट्रैफिक के कारण ट्रेनें लेट होती हैं। हम ट्रैक की मरम्मत का काम और तेज करते हुए इसे जल्द खत्म करेंगे। स्टाफ की कमी बड़ी समस्या है। खाली पदों को भरने के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पहले उन्होंने कर्मचारी सुविधाओं और कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उनका फोकस सेफ्टी कैटेगरी से जुड़े विभागों पर था।








कानपुर : रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने कहा कि रेलवे के बेसिक सिस्टम में कुछ कमियां आई हैं। इन्हें दूर किया जा रहा है। तकनीक में कोई दिक्कत नहीं है। यात्रियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। कर्मचारियों पर दबाव है लेकिन फिर भी भारतीय रेल सुरक्षित है। देश में हर दिन 22 हजार ट्रेनें चल रही हैं। 2027 तक सारे कोच एलएचबी करने और कई कॉरिडोर, हाईस्पीड ट्रेनों से बड़ी तकनीकी छलांग लगेगी।

इलाहाबाद से होते हुए शनिवार को कानपुर पहुंचे लोहानी ने कहा कि मैंने रेलवे स्टाफ से बात की है। उनकी दिक्कतों को समझ रहा हूं। यकीनन, दुर्घटनाएं होने से दबाव बढ़ा है लेकिन भारतीय रेलवे का सिस्टम सॉलिड है। तकनीक दुरुस्त है इसलिए ही रोज 22 हजार ट्रेनें दौड़ रही हैं। सुरक्षा सर्वोपरि है। मटीरियल्स की कमी दूर करने में समय लगेगा। जो हमारे पास है, उसे मजबूत करेंगे। हम कोई नई चीज नहीं करने जा रहे हैं। टेक्नॉलजी का प्रयोग बढ़ाया जाएगा। सारा फोकस रखरखाव पर है, जिसमें ट्रैक सबसे ऊपर हैं। अगले वित्तीय वर्ष से सिर्फ एलएचबी कोच बनेंगे। एक्सिडेंट्स टालने के लिए सारी जरूर सावधानियां बरती जा रही हैं।



पुखरायां केस में चल रही जांच :

पिछले एक साल में हुए एक्सिडेंट्स के कारणों पर कहा कि ज्यादातर केसों में जांच चल रही है। जीएम एमसी चौहान के अनुसार, पुखरायां एक्सिडेंट की जांच एनआईए कर रही है। यह नहीं कहा जा सकता कि संबंधित एजेंसी जांच कब तक पूरी कर लेगी।




बाईपास के लिए बजट मिलेगा :

लोहानी ने कहा कि दिल्ली-हावड़ा रूट का लोड घटाने के लिए इटावा-फतेहपुर बाईपास को अगले बजट में रकम अलॉट होगी। भारतीय रेलवे का भविष्य अच्छा है। आम लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। कर्मचारी अलर्ट हैं। 2027 तक सारे कोचों के एलएचबी में कन्वर्ट होने, कई कॉरिडोर बनने और हाई स्पीड ट्रेनों के आने के बाद तकनीक रूप से रेलवे काफी आगे निकल चुका होगा।

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Category: Indian Railways, News

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