Piyush Goyal asks Railway staff to stop derailments at every cost

| September 9, 2017

कुछ भी करो, हर हाल में रोको डिरेल : गोयल , रेल मंत्री पीयूष गोयल ने की शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक, दुर्घटनाएं रोकने को कार्ययोजना बनाई, अमल के निर्देश

एक के बाद एक ट्रेन डिरेल की दुर्घटनाओं से चिंतित रेल मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट कहा है कि कुछ भी करो, लेकिन ट्रेनों के डिरेल को रोको। इसके लिए चाहे रेल की पटरियां खरीदनी या बदलनी हों, उसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर करो। इस कार्य में कतई कोताही न हो। यहां तक मानवरहित क्रासिंग को एक वर्ष के भीतर तेजी से समाप्त किया जाए, ताकि वहां होने वाली दुर्घटनाएं भी न हों।पीयूष गोयल के रेल मंत्रालय की कमान संभालने के तीन दिन बाद ही बृहस्पतिवार को दो ट्रेनों के पटरी से उतरने की घटना हो गई और एक नागरिक की सजगता से बड़ा हादसा टल गया।








लिहाजा, रेल मंत्री ने इसमें अब किसी तरह की कोताही न बरतने के निर्देशों के साथ बृहस्पतिवार को रेलवे बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने संरक्षा और सुरक्षा के लिहाज से विस्तार से र्चचा की और अभी तक किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। समीक्षा के बाद रेल मंत्री ने मानवरहित लेवल क्रांसिंग और ट्रेनों के पटरी से उतरने की समस्या को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।गोयल ने ट्रेनों के संचालन में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की और ट्रेन दुर्घटनाओं के कारणों का बारीकी से विश्लेषण किया।




उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और इस मामले में किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाए। बैठक में दुर्घटनाओं के लिए दो मुख्य कारण मानव रहित क्रॉसिंग और पटरियों में खराबी माने गए। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ट्रेनों के पटरी से उतरने के कारणों की पहचान की जाए। उन्होंने दुर्घटनाएं रोकने के लिए बिंदुवार निर्देश दिए हैं और रेलवे बोर्ड को कार्ययोजना की निगरानी करने को कहा है।

दुर्घटना के मुख्य कारण

द मानवरहित लेवल क्रासिंगद पटरी से ट्रेनों का उतरनादुर्घटनाएं रोकने के लिए कार्ययोजनाद एक वर्ष के भीतर पूरे रेलवे नेटवर्क पर सभी मानवरहित लेवल क्रॉसिंग को तेजी से हटाया जाए।द पटरियों को बदलने/उनके नवीनीकरण के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।द जहां नई लाइनों का निर्माण होना है वह उन स्थानों पर किया जाए, जो संवेदनशील हो। अगर पटरियों को बदला जाना है, उसे तत्काल किया जाए।




नई पटरियों को खरीदने के कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि नई लाइनों के निर्माण का कार्य समय पर पूरा हो सके।द परंपरागत आईसीएफ डिजाइन कोच का निर्माण रोका जाए और केवल नए डिजाइन के एलएचबी कोच बनाए जाएं।द इंजनों में कोहरा रोधक एलईडी लाइटें लगाई जाएं, ताकि कोहरे के मौसम के दौरान ट्रेनों का संचालन सुरक्षित तरीके से हो सके।

Category: Indian Railways, News

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