ट्रेड यूनियन में रिटायर कर्मचारियों का क्या काम?

| September 8, 2017

रेलवे, रक्षा उत्पाद इकाइयों, डाक और केंद्र सरकार के कर्मचारी संगठनों में छीन जाएगी 90 फीसद व्यक्तियों से कमान, निजी क्षेत्र में भी सरकार यूनियन से निकालेगी गैर श्रमिकों को बाहर,  आईआर कोड पर श्रम मंत्री ने बुलाई 14 को बैठक








सरकार जिस आईआर कोड पर काम कर रही है, यदि वह लागू हुआ तो रिटायर और बाहरियों की हो जाएगी छुट्टी

विवादित इंड्रस्ट्रियल रिलेशन कोड (आईआर कोड) लागू हुआ तो ट्रेड यूनियन से रिटायर कर्मचारियों की छुट्टी हो सकती है। इसका प्रभाव सरकारी और निजी क्षेत्र, दोनों जगह समान रूप से बड़े पैमाने पर पड़ेगा। रेलवे, रक्षा उत्पादन इकाइयों, डाक से संबंधित यूनियन और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के कन्फेडरेशन से 90 फीसद व्यक्तियों को हटना पड़ सकता है। इन सभी जगहों पर कमान रिटायर कर्मचारियों के हाथों में ही है। सरकार जिस नए आईआर कोड की तरफ बढ़ रही है, उसमें रिटायर और बाहरी व्यक्तियों के यूनियन में रहने की पात्रता नहीं है।




इसका मतलब ये हुआ कि निजी क्षेत्र में भी उन व्यक्तियों को कर्मचारी या श्रमिक यूनियन से हटना होगा, जो वहां अभी काम नहीं कर रहे हैं। ईजी ऑफ डुइंग बिजनेस के लिए सरकार आईआर कोड को काफी तरजीह दे रही है। सरकार आईआर कोड को जल्द लागू भी करना चाहती है। ये ही वजह है कि नए श्रम और रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने 14 सितम्बर को आईआर कोड पर सहमति बनाने के लिए सारे श्रमिक संगठनों की बैठक बुलाई है। ऐसी धारणा है कि आईआर कोड श्रमिक संगठनों के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों में भी भारी कटौती करता है, इसलिए इस पर सहमति बनाना आसान नहीं रहने वाला।




हालांकि ग्यारह श्रमिक संगठनों में से एक भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) आईआर कोड को पूरी तरह खारिज नहीं करता। उसका कहना है कि इसमें कुछ बातें सार्थक भी हैं, जैसे श्रम कानूनों का उल्लंघन करने पर नियोक्ता को अब अधिक जुर्माना भरना पड़ सकता है। हालांकि बीएमएस भी इससे असहमत है कि बाहरी व्यक्तियों को यूनियन से बेदखल किया जाए। प्रस्तावित आईआर कोड की आलोचना इसलिए भी हो रही है, क्योंकि इसके अस्तित्व में आने के बाद यूनियन का रजिस्ट्रेशन कराना और हड़ताल करना आासन नहीं रहने वाला। सवाल इस पर भी उठ रहे हैं कि औद्योगिकी इकाइयों में श्रम अधिकारियों के निरीक्षण को हतोत्साहित करके उन्हें फेसिलेटर के रूप में काम करने के लिए कहा जाएगा।

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