Government is all set to increase Minimum Wages

| September 5, 2017

श्रमिकों के वेतन में भारी वृद्धि की तैयारी, न्यूनतम मजदूरी के नए फामरूले से हो सकता है दोगुना

श्रमिकों के हित में केंद्र सरकार जल्द ही राज्यों को भी न्यूनतम वेतन के निर्धारण में बदलाव करने के लिए बोर्ड गठित करने को कह सकती है। इससे देशभर में एक समान वेतन का निर्धारण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।क्या है उम्मीदकेंद्र ने पिछले साल गैर कृषि क्षेत्र के श्रमिकों का वेतन 9100 रपए प्रतिमाह की तय किया था। अब जो नया फामरूला बनाया गया है उसके हिसाब से श्रमिकों का वेतन 18,000 रपए प्रतिमाह से अधिक हो जाने की उम्मीद है।








न्यूनतम मजदूरी के नए फामरूले से हो सकता है दोगुना

केंद्र सरकार देश में न्यूनतम मजदूरी तय करने के मौजूदा फामरूले में बदलाव करने पर विचार कर रही है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर श्रमिकों का दोगुना वेतन होने की संभावना है।सूत्रों के अनुसार केंद्रीय श्रम मंत्रालय न्यूनतम मजदूरी के निर्धारण में बदलाव करते हुए श्रमिक की पत्नी के अलावा उसके माता- पिता और दो बच्चों को अलग-अलग इकाई के रूप में शामिल करने पर विचार कर सकता है। फिलहाल न्यूनतम मजदूरी के फामरूला तीन इकाई श्रमिक, पत्नी और दो बच्चों पर आधारित है। दो बच्चों को एक इकाई माना जाता है। यानी श्रमिक को कम से कम इतनी मजदूरी मिलनी चाहिए जिसमें तीन व्यक्तियों का भरण पोषण हो सके।




प्रस्तावित फामरूले में माता-पिता को दो इकाई और दो बच्चों को दो अलग-अलग इकाइयों के तौर पर शामिल किया जा सकता है।सूत्रों ने बताया कि इस तरह से न्यूनतम मजदूरी का निर्धारण छह इकाइयों के आधार पर किया जाएगा। न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के अनुसार न्यूनतम मजदूरी का निर्धारण श्रमिक और उसकी पत्नी को दो अलग-अलग इकाई और उसके दो बच्चों को एक इकाई मानते हुए किया जाता है। यह निर्धारण कृषि और गैर कृषि श्रमिकों के लिए होता है। 




नए फामरूले में माता-पिता और दो बच्चों को अलग इकाई माना जाएगादफिलहाल दो बच्चों को माना जाता है एक इकाईदअब तीन के बजाय छह इकाई के आधार पर किया जाएगा निर्धारण

min-wage-rash-fb

Category: News

About the Author ()

Comments are closed.