Tough Challenges waiting ahead for Piyush Goyal a new Railway Minister

| September 4, 2017

piyush goyal

रेलवे में ‘सुधारों के साथ सुरक्षा’ की चुनौती

नई दिल्ली : कैबिनेट विस्तार में निर्मला सीतारमण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगर किसी मंत्री पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है तो वह पीयूष गोयल हैं। कोयला, ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रलय में उनके जुझारू प्रदर्शन को देखते हुए ही अब उन्हें रेल मंत्री का कठिन दायित्व सौंपा गया है। रेलवे में सुधार और सुरक्षा का दोहरा संकट है और इससे पार पाना गोयल के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।1गोयल को देश में बिजली उत्पादन की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने तथा निश्चित समय में 14 हजार गांवों को रोशन करने का श्रेय जाता है। यही नहीं, उन्होंने बिजली उत्पादन को कोयले के बजाय सौर ऊर्जा की तरफ मोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।








गोयल के प्रयासों के परिणामस्वरूप घर-घर एलईडी बल्ब पहुंच गए। कोयला ब्लॉकों के सफल आवंटन तथा कोल इंडिया के पुनरुद्धार में भी गोयल का उल्लेखनीय योगदान रहा है। लेकिन, रेलवे की चुनौती एकदम अलग है। जिस मंत्रलय पर 13 लाख कर्मचारियों के साथ रोजाना 13 हजार ट्रेने चलाने और पौने तीन करोड़ लोगों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने का जिम्मा हो, उसे संभालना कोई आसान काम नहीं। रेलवे इस समय दोहरी चुनौती से जूझ रही है। एक तरफ उसे अपनी माली हालत सुधारनी है और सेवाओं के स्तर को ऊंचा उठाना है। तो दूसरी तरफ यात्रियों को सुरक्षित और समय पर गंतव्य तक पहुंचाना है।




इसलिए गोयल को सुधार और सुरक्षा को साथ लेकर चलना होगा। यदि वे इस संतुलन को साध लेते हैं तो उनका सफर आसान होगा। रेलवे में सुरेश प्रभु का काम खराब नहीं था। उन्होंने रेलवे को आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता की पटरी पर डाल दिया है। पिछले तीन सालों रेलवे में प्रशासनिक व वित्तीय मोर्चे पर अप्रत्याशित परिवर्तन हुए हैं।




रेल बजट के खात्मे से रेल के नाम पर होने वाली राजनीति लगभग समाप्त हो चुकी है। ज्यादातर फैसले वाणिज्यिक आधार पर लिए जाने लगे हैं। काकोडकर और सैम पित्रोदा समिति की ज्यादातर सिफारिशों पर काम शुरू हो गया है। यात्री सुविधाओं के मोर्चे पर भी अनगिनत कार्य हुए हैं। इनमें महामना, हमसफर, तेजस, अंत्योदय जैसी नई सुविधासंपन्न ट्रेनों का चलना तथा स्टेशनों की साफ-सफाई प्रमुख है। लेकिन कुछ बुनियादी चीजों पर काम होना बाकी है।’

>ऊर्जा, कोयला व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रलय के अनुभव आएंगे काम

>सुरक्षा की नींव पर खड़ा करना होगा सुधारों का भव्य भवन

Category: Indian Railways, News

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