केंद्र सरकार देश में न्यूनतम मजदूरी तय करने के मौजूदा फार्मूले में बदलाव करने पर विचार कर रही है

| September 4, 2017
केंद्रसरकार देश में न्यूनतम मजदूरी तय करने के मौजूदा फार्मूले में बदलाव करने पर विचार कर रही है। इसके बाद…








 केंद्रसरकार देश में न्यूनतम मजदूरी तय करने के मौजूदा फार्मूले में बदलाव करने पर विचार कर रही है। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर श्रमिकों का न्यूनतम वेतन दोगुना हो जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक श्रम एवं रोजगार मंत्रालय श्रमिक की प|ी के अलावा उसके माता-पिता, दो बच्चों को अलग-अलग इकाई के रूप में शामिल करने पर विचार कर सकता है। फिलहाल न्यूनतम मजदूरी का फॉर्मूला तीन इकाई – श्रमिक, प|ी और दो बच्चों पर आधारित है। दो बच्चों को एक इकाई माना जाता है।




श्रमिक को कम से कम इतनी मजदूरी मिलनी चाहिए जिसमें तीन व्यक्तियों का भरण-पोषण हो सके। यदि प्रस्तावित बदलाव मंजूर हो जाता है तो न्यूनतम मजदूरी का निर्धारण छह इकाइयों के आधार पर होगा। इससे श्रमिकों का न्यूनतम वेतन बढ़कर दोगुना हो जाएगा।

फिलहाल मजदूरी अधिनियम 1948 के तहत 47 उद्योग क्षेत्रों के लिए न्यूनतम मजदूरी का निर्धारण होता है। इसमें कृषि और गैर कृषि क्षेत्र शामिल हैं। केंद्र सरकार ने पिछले साल गैर-कृषि क्षेत्र के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 9,100 रुपए प्रति माह की थी। प्रस्तावित फार्मूले के अमल में आने पर यह बढ़कर 18,000 रुपए प्रति माह से अधिक हो जाने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि हाल ही पुनर्गठित केंद्रीय न्यूनतम मजदूरी परामर्श बोर्ड की सात साल बाद बैठक हुई थी।




इसमें की गई इस सिफारिश पर एक समिति बनाई जा रही है जो सभी पहलुओं पर विचार करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार जल्द ही राज्यों से भी न्यूनतम मजदूरी के निर्धारण में बदलाव के लिए बोर्ड का गठन करने को कह सकती है। इससे देशभर में एक समान न्यूनतम वेतन का निर्धारण करने में मदद मिलेगी।

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