14 दिन में हो फाइलों पर फैसला: रेलवे में सुधार के लिए बनी कमेटी की सिफारिश

| September 3, 2017

रेलवे के कामकाज में सुधार के लिए बनाई एक कमेटी ने लेट लतीफी दूर करने के लिए कुछ सिफारिशें की हैं।

नई दिल्ली. रेलवे के कामकाज में सुधार के लिए बनाई एक कमेटी ने लेट लतीफी दूर करने के लिए कुछ सिफारिशें की हैं। कमेटी ने कहा है कि किसी भी लेवल पर कोई भी फाइल एक या दो दिन से ज्यादा नहीं रुकनी चाहिए। कमेटी के मुताबिक- लाल फीताशाही दूर करने के लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। इसके मुताबिक- किसी भी फाइल पर फैसला लेने में 14 दिन से ज्यादा वक्त नहीं लगना चाहिए। रेलवे के कामकाज में सुधार और लाल फीताशाही यानी रेड टेपिज्म दूर करने के लिए ये कमेटी मार्च में सुरेश प्रभु ने बनाई थी।और क्या है सिफारिशों में….








– रेलवे में सुधार के लिए इस कमेटी को सिफारिशें देनी थीं। कमेटी ने छह महीने बाद अपनी सिफारिशें रेल मंत्री को सौंपने की तैयारी कर ली है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अगले महीने ये रिपोर्ट रेल मंत्री के सामने पेश कर दी जाएगी।
– प्रभु चाहते हैं कि रेलवे में भी मिनिमम गवर्नमेंट एंड मैक्सिमम गवर्नेंस का फॉर्मूला जल्द से जल्द अपनाया जाना चाहिए। ताकि इसमें सुधार किए जा सकें।
क्या नुकसान होता है?
– कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक- फिलहाल, रेलवे का स्ट्रक्चर ऐसा है कि फैसला लेने की प्रॉसेस स्लो है। इसे ज्यादा बेहतर बनाया जाना चाहिए ताकि ट्रांजेक्शन कॉस्ट कम की जा सके। इस कमेटी के चेयरमैन रेलवे के डायरेक्टर जनरल (पर्सनल) हैं।




रिपोर्ट में क्या सिफारिशें?
– सिफारिशों में कहा गया है कि रेलवे में फैसला लेने के लिए ब्यूरोक्रेसी के लेवल कम किए जाने चाहिए। इससे प्रॉसेस तेज होगा जबकि दखलंदाजी कम की जा सकेगी।
– रिपोर्ट के मुताबिक, अगर फाइलों के अटकने वाली जगहों को कम किया जाएगा तो फैसले लेने की रफ्तार भी तेज हो जाएगी।
14 दिन में हो फाइलों पर फैसला
– रिपोर्ट में इसका तरीका भी सुझाया गया है। इसके मुताबिक, किसी भी लेवल पर किसी भी फाइल को एक और बहुत हुआ तो दो दिन से ज्यादा नहीं रोका जाना चाहिए। जबकि, इन्हीं फाइलों पर फैसला लेने में 14 दिन से ज्यादा नहीं लगना चाहिए।
– रेलवे के एक अफसर ने न्यूज एजेंसी से कहा- फिलहाल, फाइलों को कई लेयर्स से गुजरना होता है। हमारी सिफारिश है कि चार तरह के लेवल से ज्यादा नहीं होने चाहिए। सब-लेवल्स खत्म किए जाने चाहिए। क्योंकि इनमें वैसे भी जिम्मेदारी और वैल्यू एडिशन जैसी चीजें नहीं होतीं।




– इस अफसर ने आगे कहा- फिलहाल, पावर और अथॉरिटी को लेकर जो प्रॉसेस फॉलो किया जाता है वो बहुत ज्यादा साफ नहीं हैं। दूसरी मिनिस्ट्रीज से रेलवे का कोऑर्डिनेशन भी बेहतर होना चाहिए। खासतौर उन जगहों पर जहां एक जैसे हित हों।
वर्ल्ड बैंक ने दिए हादसे कम करने के लिए सुझाव
– वर्ल्ड बैंक ने इंडियन रेलवे को कुछ सुझाव दिए हैं। इस ऑर्गनाइजेशन ने कहा है कि इन सुझावों का इस्तेमाल करके एक्सीडेंट्स या हादसे कम किए जा सकते हैं।
– वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि ट्रेनों को चमकदार पीले रंग से पेंट किया जाना चाहिए। इसके अलावा बेहतर क्वॉलिटी की और तेज रोशनी वाली लाइट्स लगाई जानी चाहिए। ताकि ट्रेन दूर से और साफ नजर आ सके।
– वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, ट्रैक पर काम करने वाले इम्प्लॉईज को हाई विजिबिलिटी वाले कपड़े दिए जाने चाहिए और ट्रेन में आग बुझाने के इक्युपमेंट्स लगाए जाने चाहिए।

Category: Indian Railways, News

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