रेलवे समिति ने डीआरएम को ज्यादा शक्ति देने की सिफारिश की

| September 2, 2017

नई दिल्ली, 30 अगस्त भाषा रेलवे द्वारा गठित एक समिति ने अपनी मसौदा रिपोर्ट में मंडल रेलवे प्रबंधकों डीआरएम को निर्णय लेने के लिए और शक्तियां प्रदान करने का सुझााव दिया है। इस समिति का गठन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने किया है । डीआरएम को ज्यादा विाीय और कार्यकारी शक्तियां दे सकने वाली प्रक््िरुया को अंतिम रूप देने के लिए सुरेश प्रभु ने जून में समिति मेकिंग डिविजन्स एज स्ट्रेटिजिक बिजनेस यूनिट्स का गठन किया था जिससे कि वे प्रतिदिन के कार्यों का संचालन प्रभावी तरीके से कर पाएं।








एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि समिति द्वारा रेल मंत्री को अपनी अंतिम रिपोर्ट अगले महीने सौंपेने की उम्मीद है । डीआरएम मंडल स्तर पर रेलवे का नेतृत्व करता है और उसपर रेलों का परिचालन, रेलवे की संपाियों का रख-रखाव और अन्य कार्यों का जिम्मा होता है। रेलवे के कुल 73 मंडल हैं। हर मंडल का प्रमुख डीआरएम होता है। “पुराने वैद्य इसी तरीके से करते थे टाइप 2 डायबिटीज़ खत्म ”




पीटीआई को प्राप्त मसौदा रिपोर्ट के मुताबिक, डीआरएम के पास ब्लॉक देने- तीन घंटे तक गाड़ियों को रोकने या उनका मार्ग बदलने की पूरी शक्ति होनी चाहिए जब तक कि पटरियों पर चल रहा कार्य पूरा न हो जाए। समिति ने सिफारिश की है, 8220रख-रखाव के लिए दिए जाने वाले ब्लॉक के संबंध में ट्रेनों के नियमन पर कोई सवाल नहीं पूछे जाने चाहिए।8221 इस समिति की अध्यक्षता महानिदेशक, कार्मिक कर रहे हैं। समिति की सिफारिशें 19 अगस्त को उार प्रदेश के खतौली में कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के पटरी से उतर जाने की घटना के कुछ दिन बाद आई हैं। इस घटना में 23 लोग मारे गए थे। इसके बाद उार रेलवे के दिल्ली मंडल के डीआरएम को छुट्टी पर भेज दिया गया था।




19 अगस्त को कलिंग उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटना के बाद ट्रेन के पटरियों से उतर जाने के अबतक तीन मामले सामने आ चुके हैं। कल महाराष्ट्र में मुंबई-दुरंतो एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। इसमें किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं थी।

Source:- NBT

Category: Indian Railways, News

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