Railway starts groundwork after sacking 13 employees

| September 1, 2017

नई दिल्ली : खतौली हादसे के बाद रेलवे में हुए उलट-फेर के परिणाम दिखाई देने लगे हैं। न केवल दोषियों को तुरंत दंड दिया जाने लगा है, बल्कि संरक्षा तंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है। इसमें न केवल संरक्षा से जुड़े पदों पर नई भर्ती की बात मान ली गई है, बल्कि बेगार में लगे गैंगमैनों को उनके असली काम पर वापस भेजा जा रहा है। ट्रैक के रखरखाव के लिए ब्लॉक देने और जरूरी साजो-सामान खरीदने के लिए डीआरएम के अधिकार बढ़ाए जाएंगे।








खतौली के बाद रेलवे के मेंबर इंजीनियर और जीएम को छुट्टी पर भेजने के अलावा छह अन्य अफसरों को निलंबित किया गया था, जबकि दुर्घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार निचले स्तर के कर्मचारी जांच की आड़ में बच गए थे, परंतु अब दिल्ली डिवीजन ने उन्हें बर्खास्त करने का निर्णय लिया है। इनमें जेई-पीवे तथा हैमरमैन के अलावा 11 ट्रैक मेंटेनर शामिल हैं। दुर्घटना से पहले यही कर्मचारी स्टेशन मास्टर को जानकारी दिए बिना और झंडी-पटाखे लगाए बगैर ‘ग्लू ज्वाइंट’ पर फिश प्लेट लगाने का प्रयास कर रहे थे।




कम पढ़े गैंगमैन ही बेहतर : इस बीच रेलवे बोर्ड चेयरमैन के ‘संरक्षा सवरेपरि’ के नए दिशा-निर्देशों के तहत सभी जोनों और मंडलों ने जमीनी स्तर पर कदम उठाने शुरू कर दिए है। कई डिवीजनों ने ट्रैक मेंटेनर (गैंगमैन) की अधिकतम योग्यता को हाईस्कूल पर सीमित करने का निर्णय लिया है। जबकि कई अन्य ने अफसरों के बंगलों पर तैनात गैंगमैनों को वापस ट्रैक के काम पर भेजना शुरू कर दिया है। मुरादाबाद डिवीजन ने तय किया है कि आइंदा ट्रैक के काम के लिए आठवीं-दसवीं से ज्यादा पढ़े लोग नहीं लिए जाएंगे। 1चार घंटे का ब्लॉक जरूरी : इसी प्रकार डिवीजनों की ओर से कई अन्य निर्णय भी लिए गए हैं।




जैसे कि चौबीस घंटे में ट्रैक की मरम्मत के लिए तीन-चार घंटे का ब्लॉक लिया जाएगा। संरक्षा श्रेणी के रिक्त पद तत्काल भरे जाएंगे। इस समय मुरादाबाद डिवीजन में ट्रैक मेंटेनर के 35 फीसद पद तथा सेक्शन इंजीनियरों के 20 पद खाली हैं।1ट्रैक की आपात मरम्मत : इस बीच रेलवे बोर्ड ने ट्रैक की तत्काल मरम्मत के लिए स्टेशन मास्टर को पूर्व सूचना देना अनिवार्य कर दिया जाए। आपात मरम्मत से पूर्व सेक्शन कंट्रोलर से यह पूछना जरूरी होगा कि 45 मिनट के भीतर सेक्शन पर कोई ट्रेन तो नहीं आ रही है।

रेलवे के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बर्खास्त किये गये रेलकर्मियों में 11 गैंगमैन, एक कनिष्ठ अभियंता एवं एक लोहार है. यह कार्रवाई दिल्ली के अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक के स्तर से कल देर शाम की गयी है और इन कर्मियों को अपना पक्ष रखने के लिए 45 दिनों का समय मिलेगा.

गौरतलब है कि प्रारंभिक जांच में पाया गया था कि खतौली स्टेशन के यार्ड में एक ग्लू ज्वाइंट के फेल हो जाने के कारण ट्रैक की मरम्मत के लिए अनिवार्य संरक्षा प्रक्रिया अपनाये बिना पटरी काट दी गयी थी और समय पर मरम्मत नहीं कर पाने के कारण जब तेज रफ्तार से गाड़ी आयी तो उसके 14 कोच पलट गये जिससे कम से कम 23 यात्रियों की मौत हुई थी और सैकड़ों अन्य घायल हो गये थे. इस घटना को सर्वाधिक मानवीय लापरवाही वाले हादसे के रूप में देखा जा रहा है.

इस मामले में रेलवे बोर्ड में सदस्य (इंजीनियरिंग) आदित्य कुमार मित्तल सहित आठ अधिकारियों पर पहले ही गाज गिर चुकी है. मित्तल के अलावा उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आर के कुलश्रेष्ठ, उत्तर रेलवे के मुख्य ट्रैक इंजीनियर, दिल्ली के मंडल रेल प्रबंधक को छुट्टी पर भेजा गया है जबकि दिल्ली के वरिष्ठ मंडल अभियंता, सहायक अभियंता मेरठ और दो अन्य अधिकारियों को निलंबित किया गया है. मित्तल को कल यानी 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होना है. सूत्रों के अनुसार उन्हें कल ड्यूटी पर वापस लेकर सेवानिवृत्त किया जायेगा.  खतौली रेल हादसे के तुरंत बाद हुए औरैय्या हादसे को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ए के मित्तल को हटा दिया है और उनकी जगह एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी को नियुक्त किया गया है.

रेल मंत्री सुरेश प्रभु भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं और फिलहाल रेल मंत्रालय नहीं आकर घर से ही आवश्यक फाइलें निपटा रहे हैं. बताया जा रहा है कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल के निकट भविष्य में होने वाले फेरबदल में रेल मंत्री की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.

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Category: Indian Railways, News

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