Resignations hits Railways after Chariman Railway Board, Suresh Prabhu offers to resign

| August 24, 2017

दूसरे हादसे के बाद रेलवे बोर्ड अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर, अश्विनी लोहानी नए अध्यक्ष बने

नई दिल्ली। एयर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी को रेलवे बोर्ड का नया अध्यक्ष बनाया गया है। उनकी नियुक्ति एके मित्तल के स्थान पर हुई है। रेलवे मैकैनिकल सेवा के अधिकारी लोहानी उत्तर रेलवे के डीआरएम, राष्ट्रीय रेल संग्रहालय के निदेशक और मध्य प्रदेश सरकार में कार्य कर चुके हैं। तीन अन्य भी थे दौड़ में : सूत्रों ने बताया कि बोर्ड के अध्यक्ष पद के लिए तीन अन्य लोग भी दौड़ में थे। इनमें घनश्याम सिंह (सदस्य, ट्रेक्शन), मोहम्मद जमशेद (सदस्य, यातायात) और रवींद्र गुप्ता (सदस्य, रॉलिंग स्टॉक) शामिल थे।








यूपी के खतौली में हुए रेल हादसे के पांचवें दिन औरैया जिले में कैफियात एक्सप्रेस डंपर से टकराकर बेपटरी हो गई। बुधवार तड़के हुई दुर्घटना में 83 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। लगातार दूसरी दुर्घटना के बाद केंद्र ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एके मित्तल का इस्तीफा मंजूर कर लिया। आजमगढ़ से दिल्ली आ रही कैफियात एक्सप्रेस औरैया जिले के पाता और अछल्दा स्टेशनों के बीच बुधवार तड़के 2.39 बजे ट्रैक पर पलटे पड़े डंपर से टकरा गई। इससे इंजन समेत 11 डिब्बे पटरी से उतर गए।हादसे के समय ट्रेन 107 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी।रविवार को ही इस्तीफा : सूत्रों ने बताया कि मित्तल ने रविवार को ही इस्तीफा दे दिया था। मित्तल को पिछले साल जुलाई में दो साल का सेवा विस्तार दिया गया था। मित्तल को जुलाई 2018 तक इस पद पर रहना था। लेकिन कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस हादसे के बाद रेलवे बोर्ड के कई आला अफसरों पर गाज गिरी तो उन पर भी पद छोड़ने का दबाव था। ट्रेन हादसा रह




प्रभु के इस्तीफे पर पीएम ने कहा, प्रतीक्षा कीजिए

हादसों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस्तीफे की पेशकश की। लेकिन प्रधानमंत्री ने उन्हें प्रतीक्षा करने को कहा है। सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। वही, सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के तुरंत बाद प्रभु ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। प्रभु ने कहा कि रेलमंत्री के तौर पर मैंने तीन वर्ष तक अपना खून-पसीना रेलवे के लिए बहाया है।

खतौली और औरैया के पास दुर्भाग्यपूर्ण हादसों, यात्रियों के घायल होने और बेशकीमती जानें जाने से बेहद दुखी हूं। -सुरेश प्रभु, रेल मंत्री

चार दिन पहले उप्र के मुजफ्फरनगर के भयानक रेल हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें इंतजार करने को कहा है। माना जा रहा है कि जल्द होने वाले कैबिनेट विस्तार के वक्त ही प्रभु की पेशकश पर फैसला होगा। संकेत है कि उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा। वैसे केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रभु की पेशकश पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि सरकार में जवाबदेही अच्छी बात है। प्रधानमंत्री फैसला लेंगे।

बताते हैं कि मुजफ्फरनगर के बाद बुधवार सुबह औरैया में हुई रेल दुर्घटना से प्रधानमंत्री सख्त नाराज हैं। उनकी इस नाराजगी का असर ही था कि शीर्ष स्तर तक हिल गया। दोपहर तक रेल मंत्री ने भी इस्तीफे की पेशकश कर दी। उन्होंने खुद ही ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। प्रभु ने लिखा, ‘मैंने प्रधानमंत्री से मिलकर घटना की नैतिक जिम्मेदारी ले ली है। प्रधानमंत्री ने इंतजार करने को कहा है।’ ट्वीट में उन्होंने इस्तीफे की बात नहीं की है। लेकिन, नैतिक जिम्मेदारी लेने का अर्थ इस्तीफा ही माना जा रहा है।




वहीं वित्त मंत्री की प्रतिक्रिया को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि प्रभु को जाना पड़ सकता है। प्रभु ने अलग अलग ट्वीट में यह भी बताया कि प्रधानमंत्री जिस सोच के साथ रेलवे को आगे ले जाना चाहते हैं, यह उसी पथ पर है। पिछले तीन सालों में उन्होंने अपना खून-पसीना बहाकर इसे मजबूती देने की कोशिश की है। सूत्रों के अनुसार, अगले तीन-चार दिनों में कैबिनेट विस्तार हो सकता है। इस दौरान कुछ नए मंत्री जोड़े जाएंगे, तो कुछ हटाए भी जाएंगे। कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले जाएंगे। प्रभु भी इसका हिस्सा हो सकते हैं। 1प्रभु मामले में फैसले को कैबिनेट विस्तार से इसलिए भी जोड़ा जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी विपक्ष के दबाव में कोई फैसला नहीं लेंगे। विपक्ष लगातार प्रभु का इस्तीफा मांग रहा है। ऐसे में प्रभु का इस्तीफा होता है, तो विपक्ष इसे अपनी जीत के रूप में पेश करेगा। सरकार विपक्ष को यह मौका नहीं देगी।

Category: Indian Railways, News

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